
नई दिल्ली। देश में कोरोना वायरस ( Coronavirus ) के बढ़ते संक्रमण के बीच अब कई अस्पताल मरीजों को भर्ती करने से मना कर रहे हैं और उनको वापस लौटा रहे हैं। पिछले कुछ दिनों में ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जब अस्पतालों ने मरीजों को बिना इलाज के ही बैरंग लौटा दिया हो। ताजा मामला राजधानी दिल्ली ( Delhi ) से सटे नोएडा ( Noida ) के खोड़ा का है। यहां समय पर इलाज न मिलने के कारण एक महिला की मौत हो गई। दिल की बीमारी से ग्रसित ममता नाम की महिला को दिल्ली व गाजियाबाद ( Gaziabad ) के कई अस्पतालों ने भर्ती करने से साफ इनकार कर दिया।
जानकारी के अनुसार रविवार सुबह उसके सीने में दर्द उठा, जिसके बाद उसको दिल्ली के जीटीबी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन वहां उसको भर्ती नहीं किया जा सका, जिसके बाद उसको हेडगेवार, एम्स, सफदरजंग और आरएमएल ले गए लेकन वहां भी इलाज नहीं मिला। जिसके बाद महिला ने इलाज के अभाव में दम तोड़ दिया। वहीं, दूसरा मामला आजाद विहार का है। यहां एक 58 साल का शख्स कोरोना पॉजिटिव पाया गया था। शख्स के बेटे संदीप रावत ने बताया कि वह 5 जून को अपने पिता को सेक्टर-33 स्थित प्राइवेट हॉस्पिटल में ले गए लेकिन डॉक्टरों ने जांच कराकर आगे इलाज करने से मना कर दिया। जिसके बाद वह पिता को एक अन्य प्राइवेट हॉस्पिटल में ले गया, लेकिन वहां भी भर्ती करने से मना कर दिया गया। रविवार को जब उनकी तबीयत बिगड़ी तो उन्होंने सरकारी अस्पताल जाते समय एंबुलेंस में दम तोड़ दिया।
यही वजह है कि अब सरकार की ओर से अस्पतालों पर सख्ती की जा रही है। ऐसा ही एक मामला BSF से जुड़ा है। BSF ने अपने अस्पतालों को Notice जारी कर कार्रवाई की चेतावनी दी है। BSF ने नोटिस में कहा कि कुछ अस्पताल Corona Positive कर्मियों को भर्ती करने में आनाकानी कर रहे हैं। ऐसे में BSF ने कहा है कि अगर अस्पताल Corona Patients को भर्ती नहीं करते या सिविल अस्पतालों में रेफर करते हैं, तो उनको इसलिए स्पष्टीकरण देना होगा।