विविध भारत

स्वास्थ्यकर्मियों के कोरोना संक्रमित होने पर अब सील नहीं होंगे अस्पताल, जारी हुआ निर्देश

Corona संकट के बीच बड़ी खबर अब Health Worker के संक्रमित होने पर सील नहीं होंगे Hospital Delhi, Karnataka और Maharashtra ने जारी किए निर्देश
2 min read
• •
Updated: 2 May 2020, 3:08 PM IST
Hospital will not seal
अब अस्पताल नहीं होंगे सील

नई दिल्ली। देशभर में कोरोना वायरस ( Coronavirus in india ) का खतरा लगातार बढ़ रहा है। अब तक 37 हजार से ज्यादा लोग कोविड-19 ( COVID-19 ) के शिकार हो चुके हैं। जबकि 1100 से ज्यादा लोगों ने अपनी जान गंवा दी है। कोरोना जैसी महामारी के बीच डॉक्टर दिन रात लोगों की मदद में जुटे हैं।

इस बीच डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों ( Health Worker ) को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। दरअसल जिन अस्पतालों में डॉक्टर ( Doctor ) या फिर स्वास्थ्यकर्मी कोरोना से संक्रमित हो रहे थे उन अस्पतालों को सील कर दिया जा रहा था, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। डॉक्टर या स्वास्थ्यक्मियों के संक्रमित होने पर भी अस्पताल सील नहीं होंगे।

देश के कई महानगरों में अस्पतालों के सील होने पर बड़ी परेशानी खड़ी हो रही थी। अन्य बीमारियों के लिए लोगों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा था। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग ने फैसला लिया है कि अब ऐसे अस्पतालों को सील नहीं किया जाएगा जहां कोई भी स्वास्थ्यकर्मी कोरोना से संक्रमित होगा।

इन राज्यों में निर्देश जारी
अब तक कर्नाटक, दिल्ली और महाराष्ट्र ने इस संबंध में दिशा निर्देश जारी भी कर दिए हैं। जल्द ही अन्य राज्यों में इसका ऐलान हो जाएगा।

शिकायत मिलने के बाद उठाया कदम
कई राज्यों में स्वास्थ्य कर्मचारी संक्रमित मिलने के बाद पूरे अस्पताल सील किए जा रहे थे। मरीजों को कई किमी दूर अन्य अस्पतालों में शिफ्ट किया जा रहा था। शिकायतों मिलने पर दिशानिर्देश दिए गए।

एसोसिएशन ऑफ हेल्थकेयर प्रोवाइडर्स इंडिया ने केंद्र व राज्य सरकारों से अपील भी की, सैनिटाइजेशन के लिए पूरा अस्पताल सील न किया जाए।

एसोसिएशन के महानिदेशक डॉ. गिरधर ज्ञानी के मुताबिक स्वास्थ्यकर्मचारी, अस्पताल या अन्य चिकित्सीय सुविधाएं सीमित हैं।

ऐसे में दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, बंगलूरू, चेन्नई सहित कई शहरों में एक-दो स्वास्थ्यकर्मी संक्रमित मिलने पर अस्पतालों को सील कर 40-50 डॉक्टर, नर्स, पैरामेडिकल स्टाफ को 14-14 दिन क्वारंटीन किया जा रहा। जबकि होना यह चाहिए कि 24 घंटे में इनकी जांच कराकर पॉजिटिव या निगेटिव को अलग करना चाहिए।

Updated on:
2 May 2020, 3:08 PM IST
Published on: