Shramik Special Train : अलग-अलग रूटों के लिए करीब 12 श्रमिक स्पेशल ट्रेनें चलाई गई हैं राज्य सरकारों की ओर से अनुमति प्राप्त लोग ही कर सकते हैं यात्रा
नई दिल्ली। अलग-अलग राज्यों में फंसे प्रवासी मजदूर, टूरिस्ट्स, स्टूडेंट्स और तीर्थयात्रियों के लिए श्रमिक स्पेशल ट्रेनें शुरू की गई हैं। इनमें सफर की अनुमति केवल उन्हीं लोगों को होगी जिनके नाम रजिस्टर्ड होंगे। ये काम राज्य सरकार करेगी। जब प्रशासनिक अधिकारी एक लिस्ट तैयार करके रेलवे को सौंपेगे, इसी के जरिए पैसेंजर्स को ट्रेने में चढ़ने दिया जाएगा। तो स्पेशल ट्रेन के लिए कैसे कराएं रजिस्ट्रेशन और क्या है प्रक्रिया आइए जानते हैं।
नोडल अधिकारी से करें संपर्क
श्रमिक स्पेशल ट्रेन (एफएफएफएफ) में सफर करने के लिए रेलवे टिकट की जरूरत नहीं है। बल्कि आपको नजदीकी नोडल ऑफिसर से संपर्क करना होगा। वहीं रजिस्ट्रेशन होगा| नोडल अधिकारी एक फॉर्म पर आपकी डिटेल्स भरेंगे। इसके बाद लोगों की एक लिस्ट तैयार की जाएगी। जिसे रेलवे को भेजा जाएगा। आपको नोडल अधिकारी ट्रेन कहां से और कैसे मिलेगी ये प्रक्रिया बता देंगे।
प्वाइंट टू प्वाइंट होगी यात्रा
श्रमिक स्पेशल ट्रेनों को पॉइंट-टू-पॉइंट चलाया जा रहा है। इसके तहत ये ट्रेनें एक निर्धारित जगह से एक तय मंजिल के लिए चलेगी, बीच में ये कहीं नहीं रुकेगी। आमतौर पर श्रमिक स्पेशल ट्रेन 500 किलोमीटर से अधिक की दूरी के लिए चलाई जा रही हैं। प्रत्येक ट्रेन लगभग 1,200 यात्रियों को ले जा सकती है। रेलवे ने स्पेशल एक्सप्रेस ट्रेन के लिए 50 रुपये प्रति यात्री किराया तय किया है। जिसमें भोजन और पानी शामिल होगा। हालांकि ये खर्च यात्रियों की जगह राज्य सरकारें उठाएंगी।
स्क्रीनिंग होगी जरूरी
स्टेशन पहुंचने के बाद सभी यात्रियों काो स्क्रीनिंग की प्रक्रिया से गुजरना पड़ेगा। लोगों के स्वस्थ पाए जाने पर ही उन्हें ट्रेन में बैठने कि अनुमति दी जाएगी। श्रमिक स्पेशल ट्रेन में सफर करने के लिए मास्क लगाना जरूरी होगा। इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग (Social Distancing) or कोविड-19 प्रोटोकॉल का पालन करना होगा। जब ट्रेन अपने गंतव्य स्थान पर पहुंच जाएगी तो वहां फिर से स्क्रीनिंग की जाएगी। अगर कोरोनावायरस के लक्षण मिलते हैं तो ऐसे लोगों को क्ववारंटीन में भेजा जाएगा।
इन रूटों पर चलाई जा रही ट्रेनें
जयपुर (राजस्थान) से पटना (बिहार) 1200
कोटा (राजस्थान) से हटिया (झारखंड) 1000
नासिक (महाराष्ट्र) से लखनऊ (यूपी) 850
नासिक (महाराष्ट्र) से भोपाल (मध्य प्रदेश) 347
लिंगमपल्ली (तेलंगाना) से हटिया (झारखंड) 1140
एर्नाकुलम (केरल) से भुवनेश्वर (ओडिशा) 1200
तिरुअनंतपुरम (केरल) से हटिया (झारखंड) 1200
साबरमती (गुजरात) से आगरा (यूपी)