एनकाउंटर में दो पुलिसवाले भी घायल एनकाउंटर की खबर फैलते ही दो गुटों में बंट गए लोग
नई दिल्ली। हैदराबाद में महिला डॉक्टर के साथ हैवानियत करने वाले चारों आरोपी पुलिस एनकाउंटर में ढेर हो चुके हैं। शुक्रवार सुबह हैदराबाद के NH 44 पर ये चारों आरोपी मारे गए। इस एनकाउंटर की खबर फैलते ही जहां एक तरफ जश्न का माहौल है तो वहीं कई लोग इसको लेकर सवाल भी खड़े कर रहे हैं। इनमें से ही एक सवाल यह भी उठ रहा है कि आरोपियों को क्राइम सीन रिक्रिएट करने लिए सुबह 3.30 बजे ही क्यों ले जाया गया। आइए इस रिपोर्ट में इसका जवाब जानते हैं।
एनकाउंटर में दो पुलिसवाले भी घायल
एनकाउंटर के बाद पुलिस अधिकारी ने एक बयान में बताया कि चारों आरोपियों को शादनगर के पास क्राइम सीन रिक्रिएट करने के लिए सुबह 3.30 बजे ले जाया गया था। इसी दौरान उन्होंने कस्टडी से भागने की कोशिश की और मुठभेड़ में मारे गए। इस दौरान दो पुलिसकर्मी भी घायल हो गए। एनकाउंटर की टाइमिंग को लेकर खड़े हो रहे सवाल पर पूर्व आईपीएस वेदभूषण ने जवाब दिया।
क्यों चुना गया था यही समय?
वेदभूषण ने कहा समय का चुनाव रिक्रिएशन का ही हिस्सा था। उन्होंने कहा कि रिक्रिएशन में जिस वक्त घटना होती है, ठीक उसी वक्त और उसी जगह पर पुलिस आरोपी को लेकर जाती है। इसके बाद उस तरह की स्थिति में घटना का सीन क्रिएट करवाती है। उन्होंने बताया कि रिएक्रिएशन में पता लगाने की कोशिश की जा रही थी कि वारदात के वक्त लाइट कितनी थी, सड़क की क्या स्थिति थी। उन्होंने यह भी कहा कि आरोपियों को लेकर आम लोगों में जो आक्रोश है उसके लिहाज से भी सीन रिक्रिएट करने के लिए रात का वक्त चुना गया।