Coronavirus : हैदराबाद की एक लैब कोरोना वायरस को पैदा कर उसके जीनोम स्ट्रक्चर को समझना चाहती है लैब के निदेशक के मुताबिक वायारस पर अध्ययन करके ही इसका सटीक इलाज खोजा जा सकता है
नई दिल्ली। कोरोना वायरस (Coronavirus) का नाम सुनते ही लोगों की रूह कांप जाती है। लोगों का मानना है कि पूरी दुनिया को तबाह करने के मकसद से चीन ने इस वायरस को पैदा किया था। ऐसे में अगर आपको पता चले कि हैदराबाद (Hyderabad) का एक लैब भी चीन के नक्शे कदमों पर चल पड़ा है तो। दरअसल लैब में ढ़ेरों कोरोना वायरस पैदा किए जा रहे हैं, लेकिन इससे घबराने की जरूरत नहीं है। क्योंकि ये नुकसान की जगह फायदा पहुंचाएगा।
दरअसल हैदराबाद स्थित सीसीएमबी लैब में कोरोना वायरस बनाया जा रहा है। इससे उसके जीनोम स्ट्रक्चर को समझने में मदद मिलेगी। इसी के जरिए वायरस को मात देने के लिए इलाज की खोज की जाएगी। सीसीएमबी के निदेशक राकेश मिश्रा ने बताया कि Covid-19 पर रिसर्च शुरू कर दी है। प्रयोगशाला में इस वायरस को बड़ी संख्या में पैदा किया जा रहा है, इससे हम कोशिकाओं में इसकी वृद्धि का अध्ययन कर पाएंगे। साथ ही सीरम जांच के लिए इसका इस्तेमाल कर सकेंगे।
फिलहाल लैब के निेदेशक का मानना है कि घातक कोरोना वायरस के खात्मे के लिए किसी भी देश को दवा बनाने या टीका विकसित करने में कम से कम एक साल लग सकता है। इसलिए अभी एक-दूसरे से सामाजिक दूरी बनाए रखना और स्वच्छता का ध्यान रखना जरूरी है। इसी के जरिए हम खतरनाक वायरस के चंगुल से बच सकते हैं।