भारत काबुल नदी पर शतूत बांध का निर्माण करेगा। पीने औ सिचाई के पानी का अफगानिस्तान को मिलेगा लाभ।
नई दिल्ली। पाकिस्तान के विरोध के बावजूद साल 2021 में भारत और अफगानिस्तान के बीच अच्छे संबंध और बेहतर होने के संकेत हैं। दोनों देशों के रिश्तों में बहुत जल्द एक नया आयाम जुड़ने वाला है। भारत सरकार ने इस बात का ऐलान कर दिया है। इस संबंध में अफगानिस्तान सरकार के साथ एमओयू पर जल्द हस्ताक्षर होने की उम्मीद है।
दरअसल, भारत इस साल काबुल में रह रहे लोगों को पीने और सिंचाई का पानी मुहैया कराने के लिए काबुल नदी पर शतूत बांध का निर्माण करने वाला है। न्यू डेवलपमेंट पार्टनर्शिप के तहत भारत इस शतूत बांध का निर्माण करेगा। तैयार प्रस्ताव के मुताबिक भारत शतूत बांध के साथ ही वाटर ट्रीटमेंट प्लांट, बांध से ट्रीटमेंट प्लांट तक पानी ले जाने के लिए पाइपलाइन, सड़क और आफिस के लिए बिल्डिंग्स भी बनाएगा।
शतूत बांध के ज़रिए 57 MCM हर साल पीने का पानी और 22.5 MCM सिंचाई का पानी काबुल शहर को मिल सकेगा। शतूत बांध के इस प्रोजेक्ट पर करीब 286 मिलियन यूएस डॉलर्स का खर्च आएगा।