पाकिस्तान से सीमा संबंध को ध्यान में रखते हुए भारतीय सेना स्पाइक मिसाइलों की तुरंत खरीदारी पर जोर दे रही है।
नई दिल्ली। पाकिस्तान के खिलाफ भारत हथियार क्षमता बढ़ाने के लिए अब इजरायल से एंटी टैंक स्पाइक मिसाइल खरीदने जा रहा है। इजरायल और भारत के बीच इस रक्षा सौदे के लिए डील लगभग तय हो चुकी है। लेकिन अबतक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं हुआ है।
सेना तुरंत चाहती है स्पाइक मिसाइलों की खरीदारी
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक सेना को डीआरडीओ की तरफ से अगले तीन साल के अंदर स्वदेशी एंटी टैंक मिसाइल मिलने वाली है। इस अंतराल को और सीमा पर पाकिस्तान से संबंध को ध्यान में रखते हुए सेना स्पाइक मिसाइलों की तुरंत खरीदारी पर जोर दे रही है। इसी वजह से इजरायल की राफेल एडवांस्ड डिफेंस सिस्टम लिमिटेड को जल्द ही आर्डर दिया जा सकता है, लेकिन पिछली डील रद्द होने की वजह से कंपनी नए सौदे होने तक कुछ भी खुलकर नहीं कह रही है।
रद्द हो चुकी है 3 हजार करोड़ की डील
बता दें कि 2017 में भी भारत और इजरायल के बीच स्पाइक मिसाइलों का सौदा हुआ था। करीब तीन हजार करोड़ की ये डील मुकाम तक पहुंचने से पहले ही रद्द हो गई। इजरायल के साथ यह डील रद्द करने पीछे मुख्य कारण मेक इन इंडिया को बढ़ावा देना था। जिसके अंतर्गत भारत में ही अत्याधुनिक हथियारों के निर्माण करना है। इसकी जिम्मेदारी रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) को सौंपी गई है। हालांकि डीआरडीओ को इस मैन पोर्टेबल एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल को तैयार करने में कम से कम तीन साल का समय लग सकता है।
26 देशों में स्पाइक मिसाइलों की सप्लाई
पूरी दुनिया में इजरायल से एंटी टैंक स्पाइक मिसाइल का लोहा माना जाता है। रक्षा विशेषज्ञ इसे सबसे बेहतरीन मिसाइलों में गिनते हैं। 13 किलोग्राम वजन का ये मिसाइल आसानी से एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाया जा सकता है, जिसकी वजह से हर देश की सेना की पहली पसंद बन जाती है। जर्मनी और ब्रिटेन समेत करीब 26 देश इस मिसाइल का इस्तेमाल करते हैं। 1.5 से 25 किलोमीटर दूर तक दुश्मन के टैंक के तबाह करने की क्षमता रखने वाली स्पाइक मिसाइलें का निशाना अचूक होता है।