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ट्रंप जो दवा चाहते थे भारत ने उसी से निर्यात प्रतिबंध हटाया : सदानंद गौड़ा

इस दवा के निर्माताओं को उत्पादन का 20% घरेलू बाजार में आपूर्ति करना होगा। अमरीकी राष्ट्रपति ट्रंप इस दवा को कोरोना के खिलाफ गेम चेंजर मानते हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन कोरोना वायरस के खिलाफ संभावित उपयोग को लेकर इस दवा पर परीक्षण को फिर से शुरू करेगा।

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अमरीकी राष्ट्रपति ट्रंप इस दवा को कोरोना के खिलाफ गेम चेंजर मानते हैं।

नई दिल्ली। केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्री डीवी सदानंद गौड़ा (Union Chemicals and Fertilizers Minister DV Sadananda Gowda ) ने कहा कि औषधि विभाग ने हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन ( Hydroxychloroquine ) के निर्यात से पाबंदी हटाने को अपनी मंजूरी दे दी है। इसी के साथ इस दवा के निर्यात को लेकर भ्रम भी साफ हो गया है।

बता दें कि अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ( President Donald Trump ) इस दवा को COVID-19 महामारी के खिलाफ लड़ाई में संभावित गेम चेंजर ( Game Changer ) मानते हैं। अप्रैल में उन्होंने भारत से इस दवा की मांग की थी। भारत ने अप्रैल में इनमें से कुछ प्रतिबंधों को कम कर दिया और उस महीने संयुक्त राज्य अमेरिका को दवा की 50 मिलियन गोलियां भेजी थी।

सदानंद गौड़ा ने कहा कि निर्यात आधारित इकाइयों और विशेष आर्थिक क्षेत्रों को छोड़कर निर्माताओं को अपने उत्पादन का 20% घरेलू बाजार में आपूर्ति करना होगा।

इससे पहले भारत ने कुछ अपवादों की वजह से 25 मार्च को हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन के निर्यात पर पाबंदी ( Export Ban ) लगाई थी। कुछ तबकों में यह राय थी कि इस दवा का उपयोग कोरोना वायरस ( coronavirus ) के इलाज में किया जा सकता है। चार अप्रैल को इसके निर्यात पर पूर्ण रूप से पाबंदी लगा दी गई थी।

उन्होंने कहा कि विदेश व्यापार महानिदेशालय को इस बारे में औपचारिक अधिसूचना जारी करने का भी निर्देश दिया है।

ब्रिटिश वैज्ञानिकों ने पिछले हफ्ते COVID-19 रोगियों के इलाज में दवा के उपयोगिता बेकार साबित होने पर एक बड़े परीक्षण को रोक दिया। एक लैंसेट मेडिकल जर्नल अध्ययन में पाया गया कि हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन ने COVID-19 रोगियों में मृत्यु के जोखिम को बढ़ा दिया है। लेकिन जर्नल ने एक सप्ताह बाद अध्ययन रिपोर्ट को वापस ले लिया। लेकिन इन रिपोर्टों की वजह से बड़े परीक्षण रुक गए।

इस बीच, विश्व स्वास्थ्य संगठन ( WHO ) ने कहा कि इस दावा का कोरोना वायरस के खिलाफ संभावित उपयोग के लिए अपने परीक्षण को फिर से शुरू करेगा, क्योंकि अध्ययन चलाने वाले लोगों ने स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं पर नए रोगियों को देना बंद कर दिया।

Updated on:
11 Jun 2020 04:16 pm
Published on:
11 Jun 2020 04:13 pm
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