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अमरीकी रक्षा मंत्री से भारत ने कहा-अब अफगानिस्तान में नहीं भेजी जाएगी सेना

रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण अमरीकी रक्षा मंत्री के सामने यह स्पष्ट कर दिया कि भारत अब अफगानिस्तान में सैनिक नहीं भेजेगा।
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Updated: 26 Sep 2017, 5:49 PM IST
India to america

नई दिल्ली। अमरीका के रक्षा मंत्री जेम्स मैटिस भारत के दो दिवसीय दौरे पर हैं। भारत पहुंचे अमरीकी रक्षा मंत्री के साथ मंगलवार को दोनों देशों के बीच रक्षा संबंधों को आगे बढ़ाने और मजबूत करने के साथ आतंकवाद जैसे अहम मुद्दे पर खुलकर चर्चा की गई। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी अमरीकी रक्षा मंत्री से वार्ता की। इस दौरान रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण अमरीकी रक्षा मंत्री के सामने यह स्पष्ट कर दिया कि भारत अब अफगानिस्तान में सैनिक नहीं भेजेगा।

पाक को मिल रही अमरीकी मदद का उठाया मुद्दा

वहीं जेम्स मैटिस के साथ हुई द्विपक्षीय वार्ता में भारत ने एक बार फिर आतंकवाद को लेकर पाकिस्तान को घेरा। रक्षा मंत्री सीतारमण ने पाकिस्तान को मिल रही अमरीकी सैन्य मदद का मसला उठाते हुए कहा कि आतंकवाद का समर्थन करने वाले आधारभूत ढांचे को नष्ट किया जाए। इस दौरान निर्मला सीतारमण ने अफगानिस्तान में इमारत, बांध, स्कूल निर्माण में योगदान देने का आश्वासन दिया। इसके साथ ही भारत की ओर से यह साफ कर दिया गया कि उसकी ओर से अफगान सैनिकों को प्रशिक्षण देने का काम जारी है, लेकिन वह अब अफगानिस्तान में अपने सेना नहीं भेजेगा। मैटिस ने उन्हें आश्वस्त किया है कि वह पाकिस्तान के समक्ष उसकी धरती से उपज रहे आतंकवाद का मुद्दा उठायेंगे। बैठक के बाद अमरीकी रक्षा मंत्री ने इंडिया गेट पर पहुंच कर शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दी। मीडिया से बात करते हुए उन्होंने इशारों इशारों में पाकिस्तान पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि आतंकियों की मदद करने और उन्हें पनाह देने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि भारत और अमरीका मिलकर इस दिशा में काम करेंगे। वहीं उन्होंने अफगानिस्तान में भारत द्वारा किए जा रहे कार्यों की भी सराहना की।

अमरीका ने किया स्वागत

उधर, जेम्स मैटिस ने भी आतंकवाद की निंदा करते हुए कहा कि आतंकवाद को पनाह देने वालों के साथ सख्ती से पेश आया जाएगा। उन्होंने कहा कि हम युद्ध प्रभावित अफगानिस्तान में भारत के योगदान का स्वागत करते हैं। मैटिस ने कहा कि अफगानिस्तान के पुनर्निर्माण में भारत का योगदान अतुलनीय है और ऐसे देशों की सूची में भारत का स्थान सबसे ऊपर है। बता दें कि अमेरिकी रक्षा मंत्री जेम्स मैटिस भारत से रक्षा संबंधों को मजबूत करने के उद्देश्य से सोमवार को नई दिल्ली पहुंचे हैं।

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26 Sep 2017, 5:49 PM IST
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