विविध भारत

1980 का लंबित प्रोजेक्ट मोदी सरकार में पूरा, भारतीय फौज को मिलेंगी 300 एंटी-टैंक मिसाइलें

300 नाग एंटी-टैंक मिसाइलों का निर्माण मेक इन इंडिया के तहत किया गया है। ये प्रोजेक्ट 1980 से लंबित था।
2 min read
• •
Updated: 22 Apr 2018, 3:36 PM IST
Nag anti-tank guided missile
Nag anti-tank guided missile

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 'मेक इन इंडिया' योजना को एक बड़ी कामयाबी हासिल हुई है। दरअसल, मोदी सरकार को ये कामयाबी रक्षा क्षेत्र में हासिल हुई है। भारत में पहली बार 300 नाग एंटी-टैंक मिसाइलों का निर्माण किया गया है, जो जल्द ही भारतीय फौज को मिल जाएंगी। आपको बता दें कि ये मिसाइल जमीन से हमला करने वाली नाग एंटी-टैंक मिसाइल का वर्जन हैं।

1980 से लंबित पड़ा था ये प्रोजेक्ट
इन मिसाइलों के भारतीय फौज में शामिल हो जाने के बाद अपने दुश्मन से लड़ने की क्षमता काफी हद तक बढ़ जाएगी। आपको बता दें कि फौज को नाग एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइलों और लॉन्च व्हीकल का लंबे समय से इंतजार था, जो अब जल्द ही पूरा हो जाएगा। इन मिसाइलों को विकसित करने की योजना 1980 के दशक में डीआरडीओ के द्वारा बनाई गई थी। हालांकि कुछ ना कुछ समस्याओं की वजह से ये योजना लटकती ही रही।

जल्द नागा मिसाइलें होंगी फौज में शामिल
एक अंग्रेजी अखबार की खबर के मुताबिक, सरकार के सूत्रों के हवाले से ये जानकारी मिली है कि रक्षा मंत्रालय की एक हाईलेवल मीटिंग में 300 नाग मिसाइलों और 25 नाग मिसाइल कैरियर्स (NAMICA) व्हीकल को भारतीय सेना में शामिल किए जाने वाले प्रस्ताव पर विचार किया जाएगा।

क्या खासियत हैं इन मिसाइलों की
नाग मिसाइल कैरियर्स इतना ताकतवर है कि एक समय पर इसके जरिए छह मिसाइलों को ले जाया जा सकता है। ये नाग मिसाइलें सात से आठ किलोमीटर की दूरी पर दुश्मन के टैंक और इनफ्रैंट्री कॉम्बैट व्हीकल को तबाह कर सकती हैं। जानकारी के मुताबिक, सेना को फिलाहल ऐसी 3000 के करीब मिसाइलों की जरूरत है।

डीआरडीओ का ये प्रोजेक्ट मोदी सरकार के 'मेक इन इंडिया' प्रोजेक्ट को बढ़ावा देने के लिहाज से काफी कामयाब प्रोजेक्ट है। ये प्रोजेक्ट काफी लंबे समय से लंबित था।

Published on: