विविध भारत

भारतीय सेना की मेडिकल टीम पहुंची कुवैत,  कोरोना नियंत्रण में करेगी मदद

सेना की टीम में 8 मेडिकल ऑफिसर और 7 पैरामेडिकल स्टाफ शामिल कोरोना नियंत्रण के लिए कुवैत ने भारत से सहयोग की इच्छा जताई थी इससे पहले सेना की टीम ने मालदीव के लोगों की मदद की थी
less than 1 minute read
• •
Updated: 15 Apr 2020, 4:44 PM IST
f83c3ca5-66da-47ba-b811-63f6c776c606.jpg

नई दिल्ली। कोरोना वायरस (coronavirus) से पार पाने के लिए भारत सरकार न केवल अपने देश में युद्धस्तर पर कार्रवाई में जुटी है बल्कि मित्र देशों की हर स्तर पर सहायता करने के लिए भी तैयार है। इस तरह के एक मामले में मित्र देश कुवैत सरकार की ओर से सहयोग का अनुरोध आने के बाद भारतीय सेना के 8 मेडिकल ऑफिसर और 7 पैरामेडिकल स्टाफ को कुवैत में कोरोना नियंत्रण के लिए भेजा गया है।

इससे पहले नेपाल को भी दवाइयों और कोरोना के इलाज में काम में आने वाले उपकरणों की खेप भेजी गई है। इसके अलावा दूसरे पड़ोसी देशों को किसी जरूरत के समय तुरंत सहायता देने के लिए सेना की मेडिकल टीमों को तैयार रखा गया है।

सेना की इन टीमों में कोरोना के इलाज के लिए प्रशिक्षित डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ के अलावा जरूरी दवाइयां, मास्क, दस्ताने, सैनिटाइजर और दूसरे जरूरी उपकरण हैं। सेना की टीमों को श्रीलंका, बांगलादेश, भूटान और अफगानिस्तान जैसे पड़ोसी देशों में मदद पहुंचाने के लिए स्टैंड बाय पर रखा गया है।

बता दें कि इससे पहले 13 मार्च से 21 मार्च तक सेना की मेडिकल टीम ने मालदीव में रह कर वहां की सरकार को कोरोना के खिलाफ लड़ाई के लिए तैयार होने में मदद दी थी। इस टीम में 5 डॉक्टर, 2 नर्सिंग ऑफिसर और 7 पैरामेडिकल स्टाफ थे।

Updated on:
15 Apr 2020, 4:44 PM IST
Published on:
Also Read
View All
Liquor Ban: अब कुंवरपुर में भी होगी शराबबंदी! महिलाओं ने संभाला मोर्चा, कहा- दारू पीने-पिलाने और बनाने वालों पर लगेगा भारी जुर्माना

MCB Medical shops: बिना फार्मासिस्ट बेच रहे थे दवाइयां, अधिकारियों ने मारा छापा, 3 मेडिकल दुकानें कराईं बंद

Ambikapur News: सडक़ हादसे में बाइक सवार शिक्षक की मौत, मीटिंग में शामिल होने जा रहे थे बलरामपुर

Ambikapur News: चोरी के आरोप से परेशान 12वीं की छात्रा चढ़ गई थी स्कूल की छत पर, लौटी तो प्रबंधन बोला- सहमति पत्र दो, तब रखेंगे

Ambikapur News: मोबाइल खरीदने मां से मांगे पैसे, नहीं मिला तो बोला- मैं मर जाऊंगा, फिर दुर्ग-अंबिकापुर ट्रेन के सामने कूदा, हुई मौत