-Indian Railways: कोरोना संकट ( Coronavirus ) के कारण भारतीय रेलवे ( IRCTC Update ) ने सभी रेगुलर यात्री ट्रेनों ( Regular Train Services Cancelled ) को अगले आदेश तक रद्द कर दिया है। -हालांकि, इस दौरान 230 स्पेशल ट्रेनें ( Special Trains ) चलती रहेंगी। -रेलवे ने मंगलवार को आदेश में कहा कि सभी नियमित पैसेंजर मेल व एक्सप्रेस ट्रेनों के साथ सभी उपनगरीय ट्रेनों का संचालन अगली सूचना तक रद्द किया जा रहा है। -इस दौरान 230 स्पेशल ट्रेनों का संचालन पूर्ववत जारी रहेगा।
नई दिल्ली।
Indian Railways: कोरोना संकट ( Coronavirus ) के कारण भारतीय रेलवे ( IRCTC Update ) ने सभी रेगुलर यात्री ट्रेनों ( Regular Train Services Cancelled ) को अगले आदेश तक रद्द कर दिया है। हालांकि, इस दौरान 230 स्पेशल ट्रेनें ( Special Trains ) चलती रहेंगी। रेलवे ने मंगलवार को आदेश में कहा कि सभी नियमित पैसेंजर मेल व एक्सप्रेस ट्रेनों के साथ सभी उपनगरीय ट्रेनों का संचालन अगली सूचना तक रद्द किया जा रहा है। इस दौरान 230 स्पेशल ट्रेनों का संचालन पूर्ववत जारी रहेगा। बता दें कि इससे पहले 12 अगस्त तक ट्रेनों पर रोक लगाई गई थी, जिसे अगले ओदश तक बढ़ा दिया गया है।
स्पेशल ट्रेनें जारी रहेगी
रेलवे नेआदेश में कहा है कि वर्तमान में चल रहीं 230 स्पेशल ट्रेनों का संचालन होता रहेगा। इसके अलावा मुंबई में राज्य सरकार की जरूरत के अनुसार केवल सीमित लोगों के लिएलोकल ट्रेनें (Local Trains) भी चलती रहेंगी। रेलवे का कहना है कि स्पेशल ट्रेनों में यात्रियों की संख्या पर लगातार नजर रखी जा रही है। यात्रियों की मांग बढ़ने पर कुछ और स्पेशल ट्रेनों का संचालन शुरू किया जा सकता है। लेकिन, लॉकडाउन में जिन नियमित ट्रेनों के साथ उपनगरीय ट्रेनों का संचालन रद्द किया गया था, उसे फिलहाल जारी रखने का फैसला किया गया है।
12 मई से शुरू की हुई थीं स्पेशल ट्रेनें
गौरतलब है कि लॉकडाउन के दौरान यात्रियों की सुविधा के लिए रेलवे ने कुछ स्पेशल ट्रेनों की शुरुआत की थी। 12 मई को पहले चरण में 12 जोड़ी स्पेशल राजधानी ट्रेनों का संचालन शुरू किया गया था, जबकि 100 स्पेशल ट्रेनों का संचालन एक जून को चालू कर दिया गया।
12 अगस्त तक किया था रद्द
बता दें कि इससे पहले भारतीय रेलवे ने पहले 12 अगस्त तक नियमित ट्रेनों का संचालन रद्द किया था। यात्री ट्रेनों का संचालन बंद होने से रेलवे को चालू वित्त वर्ष 2020-21 के दौरान 40 हजार करोड़ रुपये के नुकसान होने का अनुमान है। लेकिन ट्रेनों का संचालन शुरू करने के लिए गृह और स्वास्थ्य मंत्रालय की अनुमति भी जरूरी होगी।