
नई दिल्ली। अनलॉक के चौथे चरण के अंतर्गत नई ट्रेनों का इंतजार कर रहे लोगों के लिए खुशखबरी है। भारतीय रेलवे ( Indian Railway ) ने घोषणा की है कि वो आगामी 12 सितंबर से देश में 80 और स्पेशल ट्रेनों ( special trains ) का संचालन शुरू करेगी। रेलवे के मुताबिक आरक्षित श्रेणी की इन सभी विशेष रेलगाड़ियों के लिए आगामी 10 सितंबर से रिजर्वेशन कराया जा सकेगा।
इतना ही नहीं, रेलवे ने तय किया है कि फिलहाल जिन रूटों पर स्पेशल ट्रेनें चलाई जा रही हैं और उनमें यात्रियों की भीड़ बढ़ती जा रही हैै और वेटिंग लिस्ट लंबी होती जा रही है, तो उन रूटों में क्लोन ट्रेनें भी संचालित की जाएंगी। फिलहाल रेलवे द्वारा विभिन्न मार्गों पर कुल 230 विशेष रेलगाड़ियों का संचालन किया जा रहा है और इन नई 80 ट्रेनों के संचालित होने के बाद इनकी कुल संख्या 310 हो जाएगी।
रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष विनोद कुमार यादव ने शनिवार को मीडिया से बातचीत में कहा कि भारतीय रेलवे ने फैसला लिया है कि वो वर्तमान में चलाई जा रहीं 230 स्पेशल ट्रेनों के बाद 40 जोड़ी यानी 80 और नई विशेष ट्रेनें शुरू करेगा। यह नई स्पेशल ट्रेनें आगामी 12 सितंबर से पटरी पर दौड़ना शुरू हो जाएंगी। आगामी 10 सितंबर से इन ट्रेनों के लिए मुसाफिर टिकटों का रिजर्वेशन करवा सकेंगे।
उन्होंने आगे बताया कि इन ट्रेनों में सभी कोच रिजर्व्ड होंगे और एक भी बोगी अनारक्षित नहीं होगी। इन ट्रेनों का संचालन उन रूटों पर किया जाएगा, जहां मुसाफिरों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है और वर्तमान में संचालित ट्रेनों में वेटिंग लिस्ट बढ़ती जा रही है। इसके साथ ही कई प्रदेशों के मौजूदा हालात की समीक्षा करने के बाद भी यह निर्णय लिया गया है।
रेलवे का यह भी मानना है कि विशेष ट्रेनों से अपने घरों को वापस लौटे लोग विशेषकर श्रमिक अब शहरों की तरफ आ रहे हैं। इन लोगों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए भी इन नई विशेष रेलगाड़ियों को शुरू किया जा रहा है। इसमें उन रूटों को प्राथमिकता दी गई है, जहां पर इनके लौटने की संख्या ज्यादा है।
वेटिंग लिस्ट कम करने की तैयारी
भारतीय रेलवे ने उन रूटों पर क्लोन ट्रेन चलाने का भी निर्णय लिया है, जिनमें काफी भीड़भाड़ है। रेलवे 12 सितंबर से शुरू की जाने वाली विशेष ट्रेनों की एक-दो सप्ताह तक समीक्षा करेगा और फिर जिनमें वेटिंग लिस्ट काफी लंबी होगी, उस रूट पर क्लोन ट्रेन को चलाया जाएगा। बताया जा रहा है कि क्लोन ट्रेन को ओजिरनल ट्रेन से पहले छोड़ा जाएगा और इसके स्टॉपेज भी कम रखे जाएंगे, वहीं मूल रेलगाड़ी अपने पूर्वनिर्धारित स्टॉपेज पर रुकते हुए चलना जारी रखेगी। इस निर्णय से एक ओर जहां भीड़ को कम किया जा सकेगा, वहीं लोग अपने गंतव्य तक वक्त पर पहुंच पाएंगे।
यह क्लोन ट्रेन मूल ट्रेन से पहले चलाई जाएगी और इसके स्टॉप भी कम होंगे। जबकि मूल ट्रेन अपने निर्धारित स्टॉप पर रुकेगी। इससे भीड़ कम करने के बाद लोगों को समय पर पहुंचाया जा सकेगा।
कौन से रूट हैं शामिल
रेलवे द्वारा इन 80 विशेष रेलगाड़ियों के लिए चुने गए रूटों में लखनऊ-दिल्ली शताब्दी, वाराणसी-दिल्ली वंदे भारत, प्रयागराज-दिल्ली हमसफर, गोरखपुर-दिल्ली हमसफर, विक्रमशिला, चौरी चौरा, बुंदेलखंड, नंदा देवी और कर्नाटक एक्सप्रेस जैसी ट्रेनें प्रमुख हैं।