
श्रीनगर। वैसे तो रविवार को कश्मीर में बुरहान वानी की बरसी पर हालात काबू में रहे, लेकिन एक खबर ने सुरक्षाबलों की चिंता जरूर बढ़ा दी। दरअसल, रविवार को ऐसी खबर आई कि कश्मीर में एक आईपीएस अधिकारी के भाई ने आतंकवाद का रास्ता पकड़ लिया है। ऐसी जानकारी सुरक्षाबलों को मिली कि आईपीएस अधिकारी का भाई आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिद्दीन में शामिल हो गया है। खुद हिजबुल मुजाहिद्दीन की तरफ से इस बात की जानकारी दी गई है और उसकी एक तस्वीर भी सोशल मीडिया पर जारी है।
आईपीएस अधिकारी का भाई बना खूंखार आतंकी
युवक की पहचान शमसुल हक मेंगनू के रूप में हुई है, जो कि आईपीएस अधिकारी का भाई है। सोशल मीडिया पर जारी की गई तस्वीर में उसका रैंक, हाथ में एके 47 नजर आ रही है। शमसुल शोपियां जिले का रहने वाला है और वो काफी समय से घर से लापता था। हिजबुल मुजाहिदीन की ओर से कई अन्य आतंकियों की फोटो भी जारी की गई है। बरसी पर भर्ती की गई नई फौज की फोटो जारी कर उसने यह संदेश देने की कोशिश की है कि बुरहान उनका हीरो था। आपको बता दें कि शमसुल हक मेंगनू जकूरा के सरकारी कॉलेज में बीयूएमएस का छात्र है। वह मई में अपने घर से लापता हो गया था।
नहीं हुई है अभी आधिकारिक पुष्टि
शमसुल का भाई 2012 बैच का आईपीएस अधिकारी है और वह इस समय नॉर्थ ईस्ट राज्य असम में तैनात है। शमसुल के आतंकी बन जाने की अभी किसी तरह की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। सिर्फ हिजबुल मुजाहिद्दीन की तरफ से ही ये जानकारी दी गई है। जानकारी के मुताबिक, 25 मई, 2018 को वह हिजबुल में शामिल हुआ था।
पिछले आठ महीने में 50 से अधिक युवा बने चुके हैं आतंकी
बताया जा रहा है कि पिछले आठ महीने में 50 से अधिक युवा आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन में भर्ती हुए हैं। तहरीक-ए-हुर्रियत के अध्यक्ष के पुत्र, अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के स्कॉलर और कश्मीर विश्वविद्यालय के प्रोफेसर समेत कई युवक घाटी में विशेषकर दक्षिण कश्मीर के आतंकी संगठनों में शामिल हुए हैं।