-Indian Railways Latest Update: रेल यात्रियों के लिए अच्छी खबर है। अब जल्द ही पटरी पर हाई स्पीड ट्रेनें दौड़ेगी। -इसके लिए भारतीय रेलवे ने 44 सेमी हाई स्पीड ट्रेन सेट ( 44 Semi High Speed Train ) प्रोजेक्ट के टेंडर निकाले हैं, जो 10 जुलाई से शुरू होंगे। -बता दें कि ट्रेनों की गति बढ़ाने के लिए रेलवे कई अहम फैसले ले रहा है।-इस प्रोजेक्ट के जरिए देशभर में विभिन्न रूटों पर 44 सेमी हाई स्पीड चलेंगी। रेलवे ने जानकारी दी है कि इन 44 सेमी हाई स्पीड ट्रेन सेट का टेंडर 10 जुलाई को खोला जाएगा।

नई दिल्ली।
Indian Railways Latest Update: रेल यात्रियों के लिए अच्छी खबर है। अब जल्द ही पटरी पर हाई स्पीड ट्रेनें दौड़ेगी। इसके लिए भारतीय रेलवे ने 44 सेमी हाई स्पीड ट्रेन सेट ( 44 Semi High Speed Train ) प्रोजेक्ट के टेंडर निकाले हैं, जो 10 जुलाई से शुरू होंगे। बता दें कि ट्रेनों की गति बढ़ाने के लिए रेलवे कई अहम फैसले ले रहा है। इस प्रोजेक्ट के जरिए देशभर में विभिन्न रूटों पर 44 सेमी हाई स्पीड चलेंगी। रेलवे ने जानकारी दी है कि इन 44 सेमी हाई स्पीड ट्रेन सेट का टेंडर 10 जुलाई को खोला जाएगा। रेलवे ने कहा कि मैन्युअल रूप से दिए जाने वो डाक्यूमेंट किसी भी जोनल रेलवे के जीएम/ सचिव/ आरडीएसओ के सचिव/ एनएआईआर को दिए जा सकेंगे। सेमी हाई स्पीड ट्रेनें खरीदने के लिए जो टेंडर है, उसमें Vande Bharat express जैसी ट्रेनें खरीदी जानी हैं।
ट्वीट कर दी जानकारी
रेलवे ने अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट के जरिए इस बात की जानकारी दी है। रेलवे ने कहा, चेन्नई कोच फैक्टरी ने जो 44 सेमी हाई स्पीड ट्रेन सेट के टेंडर जारी किए हैं, उन्हें 10 जुलाई 2020 को 2 बजकर 15 मिनट पर खोला जाएगा। बता दें कि प्रोजेक्ट में हाई स्पीड ट्रेनों को वंदे भारत एक्सप्रेस की तर्ज पर ही तैयार किया जाएगा। इसमें चार डिब्बे एक सेट हैं और चार सेट को जोड़ कर एक ट्रेन बनाई गई है।
इन रूटों पर चल रही वंदे भारत एक्सप्रेस
बता दें कि वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनें दो रूटों पर चल रही है। इनमें नई दिल्ली से वाराणसी और नई दिल्ली से श्री माता वैष्णो देवी कटरा रेलवे स्टेशन के लिए चलाई जा रही हैं। इन ट्रेनों की अधिकतमत स्पीड फिलहाल 130 किलोमीटर प्रति घंटा रखी गई है।
180 किलोमीटर होगी रफ्तार
जानकारी के अनुसार इन ट्रेनों की रफ्तार 180 किलोमीटर प्रति घंटे की होगी। इसके अलावा कम से कम 16 कोच ट्रेन में होंगे। बता दें कि भारतीय रेलवे की ओर से पहले से चलाई जा रही ट्रनों के अलावा डिमांड को पूरा करने के लिए अधिक ट्रेनों का संचालन किया जाएगा।