सीआईएससीई परिषद के अध्यक्ष डॉ. जी इम्मानुएल ने कहा, "इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट (आईएससी) बोर्ड परीक्षा (कक्षा 12) रद्द कर दी गई है। परिणाम संकलित करने को लेकर अभी अंतिम निर्णय लिया जाना बाकी है।"
नई दिल्ली। कोरोना संकट के बीच मंगलवार को सीबीएसई के 12वीं की परीक्षा को रद्द कर दिया गया। सीबीएसई के बाद अब काउंसिल फॉर द इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एग्जामिनेशन (सीआईएससीई) ने भी मंगलवार को इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट (आईएससी) की 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं रद्द करने की घोषणा की है।
सीआईएससीई परिषद के अध्यक्ष डॉ. जी इम्मानुएल ने कहा, "इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट (आईएससी) बोर्ड परीक्षा (कक्षा 12) रद्द कर दी गई है। परिणाम संकलित करने को लेकर अभी अंतिम निर्णय लिया जाना बाकी है।"
इससे पहले, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्र सरकार ने फैसला किया था कि COVID-19 के कारण अनिश्चित परिस्थितियों और इससे जुड़े तमाम लोगों से विचार विमर्श करने के बाद सीबीएसई की बारहवीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा इस साल आयोजित नहीं की जाएगी। सरकार ने कहा कि सीबीएसई बारहवीं कक्षा के छात्रों के परिणामों को अच्छी तरह से परिभाषित मानदंडों के अनुसार समयबद्ध तरीके से संकलित करने के लिए कदम उठाया जाएगा।
सरकार के फैसले का स्वागत
बता दें कि केंद्र सरकार के इस फैसले का स्वागत किया गया है। प्राइवेट स्कूल एंड चिल्ड्रन वेलफेयर एसोसिएशन (PSCWA) की झारखंड इकाई ने COVID-19 के मद्देनजर कक्षा 12वीं की बोर्ड परीक्षा रद्द करने के सीबीएसई के फैसले का स्वागत किया है।
झारखंड प्रदेश अध्यक्ष आलोक दुबे ने कहा कि एसोसिएशन छह महीने से सीबीएसई और केंद्रीय शिक्षा मंत्री से इसके लिए मांग कर रही है। अब जबकि 12वीं की परीक्षा रद्द करने का निर्णय लिया गया है, एसोसिएशन दिल से स्वागत करता है और मंत्रालय और सीबीएसई को धन्यवाद देता है।
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी सरकार के फैसले का स्वागत किया। इससे पहले दिल्ली सरकार ने परीक्षा रद्द करने की मांग की थी। उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा था कि जब तक सभी छात्रों और शिक्षकों को टीका नहीं लग जाता है तबतक परीक्षा नहीं कराई जानी चाहिए। यदि परीक्षा होती है तो सरकार की यह सबसे बड़ी भूल होगी।