
नई दिल्ली। कश्मीर में आतंक को बढ़ाने में सबसे अहम भूमिका निभाने वाले जैश-ए-मुहम्मद की कमान इस समय एक ऐसे इंसान के हाथ में है जो महज तीन फुट का है। एक AK 47 की ऊंचाई 34.3 इंच होती है। लगभग इतनी ही ऊंचाई उस नए आतंकी की है जिसने इस समय जैश-ए-मुहम्मद की कमान संभाली है। नूर मुहम्मद नाम का ये आतंकी अब कश्मीर में सुरक्षा बलों के लिए नया सिरदर्द बनकर उभरा है। सुरक्षा बलों को आशंका है कि हाल ही में सुरक्षा बलों पर हुए हमलों के पीछे उसका ही दिमाग हो सकता है।
नूर मुहम्मद को 2003 में दिल्ली से गिरफ्तार किया गया था। आतंकी गतिविधियों में लिप्त होने के कारण उसे पोटा के तहत आजीवन कारावास की सजा दी गई थी। पिछले दिनों जब उसे परोल मिली थी, तब वह वापस नहीं लौटा और फिर वापस जाकर आतंकी गतिविधियों में लग गया। अब सुरक्षा बल सरगर्मी से उसकी तलाश कर रहे हैं।
जानकारी के मुताबिक कश्मीर में हाल ही में हुई हिंसाओं के पीछे नूर मोहम्मद और एक दूसरे कमांडर मुफ्ती वकास की भूमिका मानी जा रही है। खुद हमले करने के साथ-साथ उसने उन आतंकियों को समर्थन और सामाना उपलब्ध करवाये हैं जिन्होंने कश्मीर के अलग-अलग हिस्सों में आतंकी घटनाओं को अंजाम दिया है।
नूर मुहम्मद सुरक्षा बलों के लिए कितनी बड़ी चिंता का सबब हो सककता है, यह पूछने पर एक सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि इस समय सुरक्षा बल बिल्कुल सतर्क हैं। एक-एक सूचना पर कार्रवाई की जा रही है। इसलिए नूर मुहम्मद भी उनसे ज्यादा दिन दूर नहीं रह सकेगा और जल्दी ही वह दोबारा जेल के पीछे होगा। हालांकि नूर मुहम्मद का महज तीन फुट का होना उसकी पहचान में सबसे बड़ी बाधा पैदा करता है।