जम्‍मू और कश्‍मीर में सिटी सरकार बनाने के लिए शांतिपूर्ण मतदान हुआ ।
श्रीनगर: जम्मू और कश्मीर में लंबे समय के बाद नगरपालिका चुनाव हुआ। पहले चरण का चुनाव खत्म हो गया। 11 जिलों में हुए निकाय चुनाव में सुरक्षा चाकचौबंद रहा। जम्मू में 63 फीसदी मतदान हुआ । वहीं कश्मीर में सबसे कम मतदान हुआ। राजौरी में 81 प्रतिशत मतदान हुआ , कारगिल में 78.2 प्रतिशत । वहीं जम्मू में 63.8 प्रतिशत, पुंछ में 73.1 प्रतिशत मतदान हुआ। वहींबांदीपुरा में 3.4 प्रतिशत, श्रीनगर में 6.2 प्रतिशत, बारामुला में 5.1 प्रतिशत, अनंतनाग में 7.3 प्रतिशत, बड़गाम में 17 प्रतिशत, कुपवाड़ा में 32.3 प्रतिशत, लेह में 55.2 प्रतिशत वोटिंग हुई। चुनाव अधिकारी रमेश कुमार ने कहा कि 11 जिलों में पहले चरण का चुनाव संपन्न हो गया। पहले चरण में 63.83 फीसदी वोटिंग हुई है।
पत्थरबाजी की घटना में भाजपा विधायक घायल
गौरतलब है कि बांदीपुरा के एक पोलिंग बूथ पर पत्थरबाजी की घटनाएं हुई। पत्थरबाजी की घटना में भाजपा प्रत्याशी केा निशाना बनाया गया । वो गंभीर रूप से घायल हो गए। घायल को अस्पताल में भर्ती कराया गया।
इंटरनेट सेवा बंद
निकाय चुनाव में मतदान को देखते हुए दक्षिण कश्मीर में मोबाइल इंटरनेट को बंद कर दिया गया। जबकि अन्य इलाकों में इंटरनेट की स्पीड को 2G तक सीमित कर दिया गया है। प्रशासन की ओर ये यह कदम सोशल मीडिया के जरिए दुष्प्रचार और हिंसा की आशंका के मद्देनजर उठाया गया।
मीरवाइज नजरबंद
वोटिंग के दौरान कोई दिक्कत ना हो इसको देखते हुए हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के नेता मीरवाइज़ उमर फारूक को नज़रबंद कर लिया गया। यासीन मलिक और सैयद अली शाह गिलानी को भी कुछ दिनों पहले से ही नजरबंद हैं।
कश्मीर में दिखा एनसी और पीडीपी का असर
कश्मीर में नजारा बिल्कुल इसके उलट देखने को मिला क्योंकि निकाय चुनाव के पहले चरण का मतदान दो प्रमुख दलों नेशनल कॉन्फ्रेंस और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी द्वारा किए गए बहिष्कार के बीच हुआ है। एक मतदान अधिकारी ने बताया कि बारामूला नगर परिषद के लिए पहले दो घंटों में केवल 218 वोट पड़े। बडगाम में एक नगरपालिका वार्ड में सुबह नौ बजे तक सिर्फ चार वोट पड़े। बांदीपुरा जिले के एक मतदान केंद्र में 16 वोट डाले गए।
इन जिलों में जारी है वोटिंग
सोमवार को जिन जिलों में वोटिंग हो रही है उनमें अनंतनाग, बडगाम, बांदीपोरा, बारामूला, जम्मू , करगिल, कुपवाड़ा, लेह, पुंछ, राजौरी, श्रीनगर शामिल हैं। नेशनल कॉन्फ्रेंस और पीडीपी के बहिष्कार की वजह से कई जगहों पर भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार पहले ही जीत दर्ज कर चुके हैं।