देश में कोरोना वायरस महामारी ( Coronavirus in India ) की वजह से बंद माता वैष्णों ( Vaishno Devi Yatra ) के दरबार को फिर एक बार खोल दिया गया सरकार माता वैष्णों समेत जम्मू-कश्मीर ( Jammu-Kashmir ) के सभी धार्मिक स्थलों को एक स्टैंडर्ड ऑफ प्रोटोकॉल ( SOP ) के तहत खोलने की घोषणा की है
नई दिल्ली। देश में कोरोना वायरस महामारी ( Coronavirus in india ) की वजह से बंद माता वैष्णों ( Vaishno Devi Yatra ) के दरबार को फिर एक बार खोल दिया गया है। हालांकि सरकार माता वैष्णों समेत जम्मू-कश्मीर ( Jammu-Kashmir ) के सभी धार्मिक स्थलों को एक स्टैंडर्ड ऑफ प्रोटोकॉल ( SOP ) के तहत खोलने की घोषणा की है। मंगवार को जम्मू-कश्मीर सरकार ( Government of Jammu and Kashmir ) ने इसका ऐलान करते हुए कहा कि केंद्र शासित प्रदेश ( Union Territory ) में धार्मिक स्थलों/पूजा घरों को 16 अगस्त से खोला जाएगा। इसके साथ ही सरकार ने यह भी कहा कि धार्मिक स्थलों ( Religious places ) में जाने वाले सभी श्रद्धालुओं को आरोग्य सेतू ऐप ( Arogya Setu App ) का इस्तेमाल करना आना चाहिए। यही नहीं इस दौरान मूर्तियों को छूना व अपने साथ कोई मूर्ति या धार्मिक किताब लेकर जाने की इजाजत नहीं होगी।
कटरा में माता वैष्णो देवी को लेकर जम्मू-कश्मीर सरकार ने जो एसओपी जारी किया है, उसके अनुसार 30 सितंबर तक प्रति दिन अधिकतम 5000 तीर्थयात्रियों की छत होगी। जिसके एक श्रेणीबद्ध तरीके से छत के भीतर रोजना ज्यादा से ज्यादा 500 तीर्थयात्रियों को ही इजाजत होगी। वहीं, केंद्र सरकार ने मंगलवार को देश की सर्वोच्च अदालत को केंद्र शासित प्रदेश में 4जी सेवाओं की बहाली को लेकर सूचना दी है। केन्द्र ने सुप्रीम कोर्ट से कहा कि जांच के लिए गठित विशेष समिति ने सीमित क्षेत्रों में ट्रायल आधार पर हाई-स्पीड इंटरनेट उपलब्ध कराने पर सहमति दे दी है। केंद्र की ओर से पेश अटॉर्नी जनरल केके.वेणुगोपाल ने न्यायमूर्ति एनवी रमन की अध्यक्षता वाली पीठ से कहा कि कुछ स्थानों पर इंटरनेट पर लगे प्रतिबंधों को ट्रायल के आधार पर हटा दिया जाएगा।
केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि जम्मू और कश्मीर के एक-एक जिले में 16 अगस्त से ढील देने के दो महीने बाद इनका मूल्यांकन किया जाएगा। यही नहीं सरकार ने यह भी साफ कर दिया कि सुरक्षा पर खतरे को ध्यान में रखते हुए केन्द्रशासित प्रदेश में 4 जी की बहाली संभव नहीं होगी।