विविध भारत

कश्मीर घाटी में आतंक का काम तमाम: पांच महीने में मारे गए 100 से अधिक कुख्यात आतंकी

सुरक्षाबलों ने लिया जम्मू कश्मीर को आतंक मुक्त करने का प्रण घाटी में आतंकी संगठनों का नेतृत्व लगभग खत्म 1 जनवरी से 31 मई तक मारे गए 100 से अधिक आतंकी
2 min read
Jun 01, 2019
security forces
कश्मीर घाटी में आतंक का काम तमाम: पांच महीने में मारे गए 100 से अधिक कुख्यात आतंकी

नई दिल्ली। भारतीय सुरक्षाबलों ( security forces ) ने जम्मू कश्मीर ( jammu kashmir ) को एकबार फिर धरती का स्वर्ग बनाने के रास्ते पर निकल पड़े हैं। सुरक्षाबल के जवान खोज-खोज कर आतंकियों को मौत के घाट उतार रहे हैं। आलम ये है कि घाटी में इस साल अबतक 100 से अधिक कुख्यात आतंकियों को ढेर किया जा चुका है। हालत ये है कि सुरक्षाबलों की दहशत की वजह से जैश-ए-मोहम्मद ने घाटी में अपना नेतृत्व ही खो दिया है।

हर महीने औसतन 20 आतंकी ढेर

जम्मू कश्मीर एक पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि कश्मीर घाटी में 1 जनवरी से 31 मई तक सुरक्षा बोलों ने 100 से अधिक आतंकवादियों को मौत के घाट उतारा। मारे गए आतंकियों में विभिन्न संगठनों के 25 विदेशी आतंकी भी शामिल थे। यानि पांच महीने। हर महीने औसतन 20 आतंकी मारे गए।

घाटी में आतंकी संगठनों को नहीं मिल रहे कमांडर

पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि 14 फरवरी को पुलवामा में हुए आतंकी हमले, लेथपोरा में सीआरपीएफ शिविर पर हुए हमले और अन्य आतंकी हमलों संलिप्त शीर्ष आतंकवादी कमांडर और उनके कैडर के आंतकी मारे गए आतंकियों की सूची में शामिल हैं। उन्होंने कहा कि जैश-ए-मोहम्मद जैसे कुछ उग्रवादी संगठनों ने अपना सारा नेतृत्व घाटी में खो दिया है। सीमा पार उनके किसी भी दल का कोई भी आतंकी यहां आने और संगठन का नेतृत्व करने के लिए तैयार नहीं है।

52 जवानों को भी देनी पड़ी शहादत

दुख की बात ये है कि इन्हीं पांच महीनों में सुरक्षा बलों के 52 जवानों ने भी अपनी जान गंवाई हैं। जिनमें 14 फरवरी को हुए आतंकी हमले में शहीद होने वाले 40 सीआरपीएफ के जवान भी शामिल हैं।

Updated on:
01 Jun 2019 08:45 pm
Published on:
01 Jun 2019 08:45 pm