
नई दिल्ली। जम्मू की विशेष टाडा अदालत ने रूबिया सईद अपहरण मामले में जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट के मुखिया यासीन मलिक समेत अन्य आरोपियों को दोषी करार दिया है। कोर्ट ने यह आरोप आईपीसी, सीआरपीसी, टाडा एक्ट और आर्म्स एक्ट के तहत तय किए हैं। अदालत के इस फैसले को यासीन मलिक के लिए बहुत बड़ा झटका माना जा रहा है।
टाडा कोर्ट ने माना कि 1989 के दिसंबर महीने में यासीन मलिक ने इस मामले के आरोपियों के साथ रूबिया के अपहरण की साजिश रची थी। रूबिया सईद उस समय कश्मीर के लल डेड हॉस्पिटल में इंटर्नशिप कर रही थीं। इस मामले के सभी आरोपियों रूबिया का अपहरण कर उसके बदले में जेकेएलएफ के 5 आतंकियों जिनकी पहचान हमीद शेख, अल्ताफ अहमद भट्ट, नूर मोहम्मद, जावेद अहमद जरगर और शेर खान को छुड़ाने की मांग की थी।
बता दें कि देश के पूर्व गृहमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद की बेटी रूबिया सईद के अपहरण मामले में जम्मू के विशेष टाडा अदालत ने जेकेएलएफ के संस्थापक यासीन मलिक समेत अन्य के खिलाफ आरोप तय किए थे। स्पेशल टाडा कोर्ट के जज सुनीत गुप्ता ने एसपी भट्ट के साथ विशेष पीपी मोनिका कोहली की सुनवाई के बाद यासीन मलिक को छोड़ सीबीआई और सभी अभियुक्तों के लिए निजी पेशी की तिथि 3 मार्च, 2021 मुकर्रर की है।