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अटल जी के करीबी जसवंत सिंह को नहीं दी गई है उनके निधन की जानकारी, जानें क्यों

अटल सरकार में वित्त और विदेश मंत्री रहे जसवंत सिंह को अभी तक उनके निधन की जानकारी, क्योंकि जसवंत सिंह खुद लंबे समय से बीमार हैं।
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Aug 19, 2018
Jaswant Singh Son
Atal Bihari Vajpayee and Jaswant Singh

नई दिल्ली। पूर्व प्रधानमंत्री और भारत रत्न से सम्मानित अटल बिहार वाजपेयी के निधन को तीन दिन हो चुके हैं। उनके निधन की खबर अभी तक पूरी दुनिया में फैल चुकी है। रविवार को अटल जी की अस्थियां हरिद्वार में गंगा में प्रवाहित की गईं, लेकिन इन सबके बीच एक शख्स ऐसा भी है जिसे अभी तक अटल जी के निधन की जानकारी तक नहीं दी गई है और हैरानी वाली बात ये है कि ये शख्स अटल जी के बेहद करीबियों में से एक है।

लंबे समय से बीमार हैं जसवंत सिंह

दरअसल, अटल सरकार में विदेश और वित्त मंत्री रहे जसवंत सिंह को वाजपेयी जी के निधन की जानकारी नहीं दी गई है। ऐसा इसलिए क्योंकि वो खुद इस समय बीमार हैं। जसवंत सिंह के बेटे मानवेंद्र सिंह ने अपने एक ब्लॉग में बताया है कि वो अभी तक अपने पिता को अटल जी के निधन के बारे में नहीं बता पाए हैं। मानवेंद्र सिंह ने बताया है कि उनके पिता लंबे समय से बीमार हैं, इसलिए उन्हें अटल जी की मौत के बारे में नहीं बताया गया है क्योंकि इससे उनके स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है।

अटल सरकार में विदेश और वित्त मंत्री रहे थे

आपको बता दें वाजपेयी सरकार में जसवंत सिंह विदेश मंत्री और वित्तमंत्री रहे थे। कुछ साल पहले हुए ब्रेनहेमरेज के बाद वह कोमा में चले गए और इसके बाद से ही वह लगातार डॉक्टरों की निगरानी में हैं। अपने ब्लॉग में मानवेंद्र आगे लिखते हैं कि जब पिताजी को पार्टी से निकाला गया तो वो वाजपेयी जी ही थे जिन्होंने पिताजी को न सिर्फ फोन कर बुलाया बल्कि इस फैसले के खिलाफ गुस्सा भी जताया। वाजपेयी ने उस समय जो मेरे पिताजी से कहा था उसे सार्वजनिक नहीं कर सकता। अटल जी और जसवंत सिंह के बीच काफी गहरी दोस्ती थी। उनके बेटे बताते हैं कि वो कई बार अटल सरकार के लिए संकटमोचक बने थे, जिस वजह से अटल जी उन्हें 'हनुमान' कहकर भी मजाक उड़ाया करते थे।

अटल जी के 'हनुमान' थे जसवंत सिंह

इस ब्लॉग में मानवेंद्र ने आगे लिखा है, 'पिता अक्सर कहा करते थे कि भारतीय राजनीति में उन्होंने वाजपेयी और आडवाणी जैसी दोस्ती कभी नहीं देखी। मेरे पिताजी और अटल जी के बीच अटूट रिश्ता रहा था।' मानवेंद्र ने लिखते हैं कि वाजपेयी जी अटल सरकार में संकटमोचक की भूमिका में थे जिस कारण वाजपेयी जी उन्हें मजाक में 'हनुमान' कहते थे।

Published on:
19 Aug 2018 05:10 pm