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जम्मू-कश्मीर: सरकार की कार्रवाई पर विपक्ष ने उठाए सवाल, मुफ्ती बोलीं- इस फैसले के गंभीर नतीजे होंगे

आतंकी हमले की आशंका को लेकर यात्रा रोकी गई जम्मू कश्मीर प्रशासन की एडवाइजरी पर विपक्ष में हड़कंप विपक्षी दलों ने सरकार के फैसले पर उठाए सवाल
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Updated: 3 Aug 2019, 11:42 AM IST
jammu kashmir
जम्मू-कश्मीर में सरकार की कार्रवाई पर विपक्ष ने उठाए सवाल, मुफ्ती बोलीं- इस फैसले के गंभीर नतीजे होंगे

नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर में आतंकी हमले की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने अमरनाथ यात्रियों और पर्यटकों को घाटी से तत्काल लौटने वाली एडवाइजरी जारी की है। आदेश आने के बाद राज्य की सियासत गरमा गई है। राज्य के बदलते हालात पर विपक्षी दलों ने आपात बैठक बुलाकर केंद्र सरकार पर हमला बोला है।

पीडीपी नेता और पूर्व मुख्यमंत्री और महबूबा मुफ्ती ( Former CM Mehbooba Mufti ) ने कहा है कि कश्मीर में 'कुछ बड़ा' प्लान किया जा रहा है। मुफ्ती ने कहा कि सूबे में दहशत का माहौल है, लोग घबराए हुए हैं। हमारी कोई क्षेत्रीय लड़ाई नहीं है। मुफ्ती ने एक के बाद एक ट्वीट कर सरकार पर निशाना साधा है।

मुफ्ती ने ट्विटर पर लिखा, 'आप इकलौते मुस्लिम राज्य का प्यार जीतने में नाकाम रहे हैं, जिसने धार्मिक आधार को छोड़कर सेक्युलर इंडिया को चुना था। अब चीजें बदल गई हैं। मुफ्ती ने लिखा कि सड़कों पर पूरी अव्यवस्था फैली हुई है। लोग पेट्रोल पंप, एटीएम और किराना दुकानों पर सामान लेने के लिए पहुंच रहे हैं । क्या केंद्र को सिर्फ अमरनाथ यात्रियों की सुरक्षा की फिक्र है जबकि कश्मीरियों को उनके हाल पर छोड़ दिया गया है।

जम्मू-कश्मीर में मौजूदा हालात पर अपडेट्स-

फारूक से मिलीं महबूबा मुफ्ती

जम्मू कश्मीर में एडवाइजरी जारी होने के बाद विपक्षी दलों में खलबली मची है। महबूबा मुफ्ती ने नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता फारूक अब्दुल्ला से मुलाकात की। फिर वह फारूक के बाद वह सजाद लोन से मिली। बताया जा रहा है कि महबूबा मुफ्ती राज्यपाल से मिलेंगी।

कश्मीर में एडवाइजरी होने के बाद अमरनाथ यात्री कश्मीर से वापस निकल रहे हैं

पूरा किराया लौटाने का ऐलान

जम्मू कश्मीर में मौजूदा हालात को देखते हुए एयर इंडिया ने 15 अगस्त तक श्रीनगर के लिए अपनी सभी उड़ानों को रद्द किए जाने पर पूरा किराया लौटाने का ऐलान किया है।

इस तरह के कदम के भयावह परिणाम- मुफ्ती

मुफ्ती ने दूसरे ट्वीट में लिखा कि अर्थव्यवस्था गिरती जा रही, लेकिन मुझे आशा है कि कश्मीर का इस्तेमाल असल मुद्दों से लोगों का ध्यान भटकाने के लिए नहीं किया जाएगा। इस तरह के कदम से भयावह परिणाम होंगे और कश्मीरियों को गहरा धक्का लगेगा।

घाटी में दहशत का माहौल-आजाद

वहीं, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने भी कहा है कि कश्मीर में खौफ का माहौल है, इस तरह का एडवाइजरी इससे पहले कभी नहीं जारी की गई थी । आर्टिकल 35-A और 370 को हटाने को लेकर चल रहीं अटकलों से घाटी में दहशत का माहौल बना हुआ है। इन धाराओं को हटने से सबसे से ज्यादा नुकसान जम्मू और लद्दाख का होगा।

अमरनाथ यात्रा को बीच में रोकने का क्या मतलब- उमर

वहीं नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला ( Omar Abdullah ) ने ट्वीट कर लिखा कि आज तक हमने अमरनाथ यात्रा बीच में नहीं रोकी। मुझे यह समझ में नहीं आ रहा है कि सरकार विदेशी और भारतीय पत्रकारों की टीम पर पैसे बहाकर उन्हें यह बता रही है कि कश्मीर के हालात अच्छे हैं और यात्रा कितनी अच्छी चल रही है तो फिर यात्रियों और पर्यटकों को लौटने की एडवाइजरी क्यों जारी की गई।

लोगों को होटलों से निकाला जा रहा- उमर

गुलमर्ग के होटलों में रहने वाले दोस्तों को वहां से निकलने के लिए मजबूर किया जा रहा है। राज्य परिवहन की बसें पहलगाम और गुलमर्ग से लोगों को बाहर निकालने में लगी हुई है। अगर अमरनाथ यात्रा के लिए खतरा है तो गुलमर्ग को क्यों खाली किया जा रहा है

आर्टिकल 35-A और 370 को खत्म करने की अटकलें

दरअसल, जम्मू कश्मीर में केंद्र सरकार ने 35 हजार अतिरिक्त जवानों की तैनाती कर दी है। जवानों की तैनाती से अटकलें हैं कि आर्टिकल 35-A और 370 को खत्म करने के लिए सरकार यह योजना बनाई है। हालांकि केंद्र सरकार इन अटकलों को खारिज कर दिया है।

Updated on:
3 Aug 2019, 11:42 AM IST
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