डूसू में करारी हार के बाद लेफ्ट ने जेएनयू में एबीवीपी को धूल चटाते हुए सभी की सभी सीटों पर जीत हासिल कर ली है।
नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय में छात्र संघ चुनाव के बाद अब जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में भी छात्रसंघ चुनाव संपन्न हो चुका है। डूसू में करारी हार के बाद लेफ्ट ने जेएनयू में एबीवीपी को धूल चटाते हुए सभी की सभी सीटों पर जीत हासिल कर ली है। बता दें कि भारी हंगामे और उपद्रव के बाद आखिरकार रविवार की दोपहर को मतगणना पूरी कर ली गई। लेफ्ट ने अपना दबदबा बरकार रखते हुए सभी चारों सीटों पर परचम लहराया। हालांकि चारों सीटों पर कड़ी टक्कर देते हुए एबीवीपी दूसरे स्थान पर रही। इस चुनाव परिणाम की घोषणा होते ही लेफ्ट में खुशी की लहर दौड़ गई।
कितने वोटों के अंतर से हारी ABVP
आपको बता दें कि अध्यक्ष पद पर लेफ्ट समर्थित AISA के एनसाई बालाजी को 2161 वोट मिले तो वहीं भाजपा समर्थित एबीवीपी के ललित पांंडेय को महज 982 वोट मिले। लेफ्ट ने एबीवीपी को अध्यक्ष पद पर एक बड़े अंतर से हराया है। उपाध्यक्ष पद पर लेफ्ट की सारिका चौधरी को 2692 वोट मिले तो एबीवीपी की गीताश्री बरुआ को 1012 वोट मिले। महाचिव पद के लिए लेफ्ट के एजाज़ अहमद को 2423 वोट मिले तो एबीवीपी के गणेश गुजर को 1123 वोट मिले। वहीं सह सचिव पद के लिए लेफ्ट को अमूथा जयदीप को 2047 वोट मिले जबकि एबीवीपी के वैंकट चौबे को 1290 वोट मिले। इस तरह से चारों पदों पर लेफ्ट ने एबीवीपी को एक बड़े अंतर से हराकर जीत दर्ज की है।
हंगामे के बाद रोक दी गई थी मतगणना
आपको बता दें कि जवाहरलाल नेहरु विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव की मतगणना शुक्रवार की रात 10 बजे से शुरू हो गई थी। लेकिन एबीवीपी ने गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए हंगामा खड़ा कर दिया और उपद्रव मचाने लगे। जिसके बाद से शनिवार की सुबह मतगणना रोक दी गई। करीब 14 घंटों के गतिरोध के बाद एक बार फिर से शनिवार की शाम करीब साढ़े छह बजे मतगणना शुरू हुई। इस बार शिकायत प्रकोष्ठ सेल के दो शिक्षकों को मतगणना स्थल पर बतौर ऑब्जर्वर तैनात किया गया था। साथ ही वहां सीआरपीएफ तैनात कर दी गई थी।