जस्टिस एके गोयल सुप्रीम कोर्ट से रिटायर हो गए हैं। उन्हें सुप्रीम कोर्ट में 1999 में सीनियर वकील के तौर पर नियुक्त किया गया था।
नई दिल्ली। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल यानि कि एनजीटी को अपना नया चेयरपर्सन मिल गया है। शुक्रवार को बतौर एनजीटी के चेयरपर्सन के रूप में सुप्रीम कोर्ट के जज आदर्श कुमार (एके) गोयल के नाम का ऐलान किया गया। आपको बता दें कि एके गोयल सुप्रीम कोर्ट के जज के पद से रिटायर हो गए हैं। आदर्श कुमार गोयल वर्तमान में कार्यकारी चेयरपर्सन जस्टिस जावेद रहीम की जगह लेंगे। सुप्रीम कोर्ट से विदाई के बाद उन्हें राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण की अहम कमान सौंपी गई है। एनजीटी के पास पर्यावरण संबंधी मामलों में स्वत: संज्ञान लेकर दंडात्मक कार्रवाई करने का अधिकार है।
इन फैसलों की वजह से सुर्खियों में रहे एके गोयल
आपको बता दें कि जस्टिस गोयल अपने कई फैसलों की वजह से सुर्खियों में रहे हैं, या कहें कि उनके द्वारा सुनाए गए फैसले काफी सुर्खियों में रहे हैं। जस्टिस गोयल का नाम तब चर्चा में आया था जब उन्होंने और उदित यू ललित की बेंच ने फैसला सुनाते हुए कहा था कि एससी/एसटी एक्ट से जुड़े मामलों में अब खुले मन से सोचने की जरूरत है। अगर किसी मामले में गिरफ्तारी के अगले दिन ही जमानत दी जा सकती है तो उसे अग्रिम जमानत क्यों नहीं दी जा सकती ? इसके अलावा इसी बेंच ने जुलाई 2017 में एक फैसला सुनाते हुए दहेज निरोधक क़ानून के दुरूपयोग पर भी चिंता जाहिर की थी और कहा था कि आरोपों की पुष्टि के बगैर कोई गिरफ्तारी नहीं की जानी चाहिए।
कौन हैं एके गोयल
जस्टिस गोयल सुप्रीम कोर्ट में जज बनने से पहले ओडिशा हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस भी रह चुके हैं। जस्टिस गोयल को सुप्रीम कोर्ट ने साल 1999 में सीनियर वकील के तौर पर नियुक्ति दी थी 2001 में वो पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट में जज बने थे। दिसंबर 2011 में जस्टिस गोयल को गुवाहाटी हाई कोर्ट का मुख्य न्यायाधीश बनाया गया और अक्टूबर 2013 में उनका तबादला उड़ीसा हाई कोर्ट में किया गया था।