जम्मू कश्मीर हाईकोर्ट की पहली महिला चीफ जस्टिस हैं गीता मित्तल
नई दिल्ली। जम्मू और कश्मीर उच्च न्यायालय को नया मुख्य न्यायाधीश मिल गया है। गीता मित्तल जम्मू कश्मीर हाईकोर्ट की नई चीफ जस्टिस बनाई गई हैं। उन्होंने शनिवार को मुख्य न्यायाधीश के तौर पर शपथ ली। जम्मू कश्मीर के राज्यपाल एन एन वोहरा ने राजभवन में गीता मित्तल को शपथ दिलाई। शपथ लेने के साथ ही गीता मित्तल जम्मू कश्मीर हाईकोर्ट की पहली महिला चीफ जस्टिस भी बन गई। इससे पहले गीता मित्तल दिल्ली हाईकोर्ट की कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश भी रह चुकीं हैं। बता दें कि हाल ही में उच्चतम न्यायालय कॉलेजियम ने इस बाबत आदेश पहले ही जारी कर दिया था।
मार्च से खाली था पद
बता दें कि पांच मार्च 2018 को जस्टिस बदर दुरेज अहमद के रिटायर्ड होने के बाद से यह पद खाली था। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम के चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा, रंजन गोगोई और जस्टिस मदन बी लोकुर ने गीता मित्तल के नाम को मंजूरी दी थी। गौरतलब है कि सात हाईकोर्ट को नए जज मिलने जा रहे हैं। नए जज दिल्ली, मद्रास, केरल, उड़ीसा, झारखंड और पटना उच्च न्यायालयों को भी नए चीफ जस्टिस मिलने की संभावना है क्योंकि सुप्रीम कोर्ट के कॉलेजियम ने केंद्र सरकार से इन पदों के लिये नामों की सिफारिश की है।
जस्टिस गीता मित्तल के करियर पर एक नजर
जस्टिस गीता दिल्ली हाईकोर्ट के वरिष्ठ न्यायाधीशों में से एक रही हैं। वह अप्रैल 2017 से दिल्ली हाईकोर्ट की कार्यकारी चीफ जस्टिस थीं। 9 दिसंबर 1958 को जस्टिस गीता मित्तल का जन्म हुआ। उन्होंने महिला इरविन हायर सेकेंडरी स्कूल से 1975 में विज्ञान की पढ़ाई की। 1978 में श्रीराम महिला कॉलेज से बीए किया। 1981 में दिल्ली यूनिवर्सिटी के कैंपस ला सेंटर से वकालत की डिग्री हासिल की। 16 जुलाई 2004 को वह दिल्ली हाईकोर्ट की अतिरिक्त जज नियुक्त हुईं। 20 फरवरी 2006 को वह स्थायी जज बनाई गईं। जज रहते उन्होंने कई खंडपीठ को हेड किया। 2008 से वह नेशनल ला यूनिवर्सिटी दिल्ली की गवर्निंग काउंसिल की सदस्य हैं। 2013 में वह इंडियन ला संस्थान की सदस्य बनाई गईं। उनके नेतृत्व में ही दिल्ली में पहली बार ट्रायल कोर्ट में कमजोर गवाह कोर्ट (वर्नेबुल बिजनेस कोर्ट प्रोजेक्ट) शुरू हुआ।