Kanwar Yatra 2021 Update: उत्तराखंड की सरकार ने कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों के बीच तीसरी लहर की संभावनाओं को देखते हुए इस साल के कांवड़ यात्रा को रद्द करने का फैसला लिया है।
देहरादून। कोरोना महामारी के मद्देनजर अब तक कई धार्मिक कार्यक्रमों को रद्द किया जा चुका है और अब कांवड़ यात्रा (Kanwar Yatra) पर भी रोक लगाया गई है। उत्तराखंड सरकार ने मंगलवार को एक बड़ा फैसला लेते हुए कांवड़ यात्रा पर रोक लगा दी है। उत्तराखंड की सरकार ने कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों के बीच तीसरी लहर की संभावनाओं को देखते हुए इस साल के कांवड़ यात्रा को रद्द करने का फैसला लिया है।
मालूम हो कि मुख्यमंत्री पुष्कर धामी (CM Pushkar Singh Dhami) ने इससे पहले ही कांवड़ यात्रा को रद्द करने के संकेत दे दिए थे। उत्तराखंड में लगातार दूसरे साल कांवड़ यात्रा रद्द की गई है। बता दें कि जहां एक ओर उत्तराखंड सरकार ने कांवड़ यात्रा को रद्द कर दिया है वहीं उत्तर प्रदेश सरकार ने 25 जुलाई से कांवड़ यात्रा शुरू करने का फैसला लिया।
सीएम धामी ने अधिकारियों के साथ बैठक के बाद लिया फैसला
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को कांवड़ यात्रा के संबंध में सचिवालय में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की। इस बैठक में कोविड के डेल्टा प्लस वेरिएंट के पाए जाने, कोविड की तीसरी लहर की आशंका और देश-विदेश में इसके दुष्प्रभावों पर गहराई के साथ विचार करने के बाद यह फैसला लिया।
राज्य में बढ़ रहे कोरोना के मामलों को लेकर सीएम ने सचिव गृह और पुलिस महानिदेशक को जरूरी कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए हैं।
IMA ने सीएम धामी से किया था आग्रह
आपको बता दें कि कोरोना के बढ़ते मामलों के मद्देनजर इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (Indian Medical Association IMA) के उत्तराखंड चैप्टर ने बीते दिन सोमवार को सरकार से अग्रह किया था कि कावंड़ यात्रा को इस साल रद्द कर दिया जाए। इस संबंध में IMA ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को एक पत्र लिखा था। इसमें अनुरोध किया था कि कोविड-19 की संभावित तीसरी लहर (Corona Third Wave) के मद्देनजर सार्वजनिक सुरक्षा के लिए इस साल कांवड़ यात्रा रद्द कर दी जाए।
एक ओर उत्तराखंड सरकार ने कांवड़ यात्रा को रद्द कर दिया है वहीं उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने कांवड़ यात्रा को हरी झंडी दिखा दी है। सीएम योगी आदित्यथान ने वार्षिक कांवड़ यात्रा को हरी झंडी दिखाते हुए लोगों से आग्रह किया था कि कम से कम संख्या में भाग लें और कोविड के सभी दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करें।
सरकार ने यह भी कहा था कि यदि जरूरी हुआ तो सभी तीर्थयात्रियों का कोरोना आरटी-पीसीआर टेस्ट अनिवार्य किया जा सकता है। बता दें कि 26 जुलाई को सावन का पहला सोमवार है और इस दिन सनातन धर्म के मानने वाले लोग भगवान शिव की आराधना करने के लिए कांवड यात्रा करते हैं।