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कारगिल विजय दिवस: शहीद की कहानी सुन रो पड़े पीएम मोदी और सेना प्रमुख

Kargil Vijay Diwas पर शहीदों को नमन शहादत की कहानी ने PM Modi को किया भावुक शहीद लांस नायक बच्चन सिंह की शौर्य गाथा ने सभी को रूलाया
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PM Modi and Army chief

नई दिल्ली। कारगिल युद्ध के 20 साल पूरे होने पर पूरा देश Kargil Vijay Diwas मना रहे हैं। राजधानी दिल्ली में इस मौके पर एक खास कार्यक्रम का आयोजन हुआ। इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कैबिनेट के कई मंत्री शामिल हुए। इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में जब शहीदों के शौर्य की गाथा सुनाई जा रही थी, तब एक समय ऐसा भी आया कि वहां मौजूद हर किसी की आंखे नम हो गईं। पीएम मोदी और सेना प्रमुख बिपिन रावत भी अपने अपने आंसू नहीं रोक पाए।

शौर्य गाथा सुन हुए भावुक

दरअसल, कार्यक्रम के दौरान कारगिल युद्ध के शहीद लांस नायक बच्चन सिंह के साहस की अदम्य गाथा का वर्णन किया जा रहा था। स्टेज पर युवाओं का ग्रुप शारीरिक भंगिमाओं के जरिए शौर्य की कहानी का प्रदर्शन कर रहे थे। इस दौरान लांस नायक पत्नी कमलेश बाला को स्टेज पर बुलाया गया और सम्मानित किया गया। शहीद बच्चन सिंह के बेटे लेफ्टिनेट हितेश अपने पिता की ही बटालियन में अफसर हैं। यही वो पल था कि मौके पर मौजूद हर किसी की आंखे नम हो गईं।

शूरवीरों को नमन: पीएम मोदी

प्रधानमंत्री Narendra Modi ने शहीदों को याद करते हुए कहा आज हर देशवासी शौर्य और राष्ट्र के समर्पित एक प्रेरणादायक गाथा को स्मरण कर रहा है। आज के अवसर पर मैं उन सभी शूरवीरों को नमन करता हूं, जिन्होंने कारगिल की चोटियों से तिरंगे को उतारने के षड़यंत्र को असफल किया।

भारत कभी आंक्राता नहीं रहा: मोदी

मोदी ने कहा कि भारत का इतिहास गवाह है कि भारत कभी आंक्राता नहीं रहा है। मानवता के हित में शांतिपूर्ण आचरण हमारे संस्कारों में है। हमारा देश इसी नीति पर चला है। भारत में हमारी सेना की छवि देश की रक्षा की है, तो विश्व में हम मानवता और शांति के रक्षक भी हैं।

Updated on:
28 Jul 2019 07:31 am
Published on:
27 Jul 2019 08:51 pm