
नई दिल्ली। डीएमके प्रमुख और तमिलानाडु के पूर्व मुख्यमंत्री एम करुणानिधि का मंगलवार को निधन हो गया। उनके निधन के बाद दिवंगत नेता के अंतिम संस्कार को लेकर तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे थे। लेकिन, उस पर से भी पर्दा उठ गया और मरीन बीच पर ही उनका अंतिम संस्कार होगा। साथ ही यह राज भी खुल गया कि उनका मरीना बीच पर ही अंतिम संस्कार क्यों होगा? दरअसल, उनके राजनीतिक गुरु को भी वहीं दफनाया गया था।
राजनीतिक गुरु के बगल में करुणानिधि को दफनाया जाएगा
गौरतलब है कि मद्रास हाई कोर्ट ने राज्य सरकार के विरोध को खारिज करते हुए करुणानिधि की अंत्येष्टि मरीना बीच पर करने की इजाजत दे दी। करुणानिधि को उनके राजनीतिक गुरु सीएन अन्नादुरई के बगल में ही दफनाया जाए। हालांकि, राज्य सरकार ने याचिका का विरोध करते हुए प्रोटोकॉल का तर्क दिया था। राज्य सरकार के वकील ने कोर्ट को बताया कि पूर्व सीएम की अंत्येष्टि मरीना बीच पर नहीं किया जा सकता है लेकिन, हाई कोर्ट ने इसे नहीं माना और डीएम की याचिका के पक्ष में अपना फैसला सुनाया है।
श्रद्धांजलि देने के लिए लगा नेताओं का जमावड़ा
इससे पहले करुणानिधि को आखिरी श्रद्धांजलि देने के लिए उनके समर्थकों से लेकर राजनीतिक नेताओं की भीड़ उमड़ पड़ी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी चेन्नई पहुंचे और उन्हें श्रद्धांजलि दी। इसके अलावा कई बड़े नेता भी चेन्नई पहुंच चुके हैं। वहीं, चर्चा यह भी है कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल भी उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए जाएंगे।
बता दें कि तमिलनाडु के पांच बार मुख्यमंत्री रहे करुणानिधि का मंगलवार को देहांत हो गया। पिछले कुछ समय से वो हॉस्पिटल में भर्ती थे। करुणानिधि की मौत पार्टी और देश के लिए बड़ी बड़ी क्षति है। फिलहाल, उन्हें अब दफनाने की तैयारी शुरू हो गई। वहीं, मरीना बीच पर काफी भीड़ जुट चुकी है।