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जम्मू-कश्मीर के कारगिल में जारी एडवाइजरी, मोबाइल स्विच ऑफ न रखें अधिकारी

Kashmir in Advisory: अधिकारियों को फोन स्विच ऑफ न रखने के आदेश जिलाधिकारी की अनुमति के बिना अधिकारी अपना कार्यक्षेत्र न छोड़ें

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Aug 04, 2019
Kashmir in Advisory

नई दिल्ली।जम्मू-कश्मीर ( Kashmir in Advisory ) में केंद्र सरकार के संभावित बड़े फैसले को लेकर देश भर में सियासी हलचल का माहौल है। वहीं, सरकार ने तमाम तरह की अटकलों और चर्चाओं के बीच अधिकारियों को फोन स्विच ऑफ न रखने के आदेश दिए हैं।

लद्दाख ऑटोनोमस हिल डेवलपमेंट काउंसिल, करगिल ( NAHDC ) की ओर जारी आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि अधिकारी अपने मोबाइल ऑफ न रखें। आदेश ( Kashmir in Advisory ) में यह भी कहा गया कि जिलाधिकारी या उपायुक्त की अनुमति के बिना कोई भी अधिकारी या कर्मचारी अपना कार्यक्षेत्र न छोड़े।

आपको बता दें कि जम्मू-कश्मीर ( Kashmir in Advisory ) में सुरक्षाबलों की भारी तैनाती के बाद श्रीनगर से लेकर राजधानी दिल्ली तक चर्चाओं का बाजार गर्म हैं। एक ओर जहां कश्मीर में स्थानीय नेता केंद्र सरकार के इस फैसले का विरोध कर रहे हैं, वहीं विपक्षी दलों ने मोदी सरकार पर निशाना साधा है। विपक्षी पार्टियां सरकार के इस फैसले को संदेहास्पद बता रही है।

यही नहीं राजनीतिक दलों में चर्चा है कि केंद्र सरकार जम्मू-कश्मीर ( Kashmir in Advisory ) में आर्टिकल 35ए को हटाने की फिराक में है। यही वजह है कि घाटी में आर्टिकल 35ए को हटाए जाने को लेकर लोगों में पनप रहे आक्रोश को दबाने के लिए सरकार यहां भारी मात्रा में पुलिस बल की तैनाती कर रही है।

हालांकि जम्मू-कश्मीर ( Kashmir in Advisory ) के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने सियासी दलों को आश्वस्त किया है कि 35ए को हटाए जाने को लेकर कोई विचार नहीं किया जा रहा है।

Updated on:
04 Aug 2019 01:10 pm
Published on:
04 Aug 2019 09:14 am