
नई दिल्ली. कोरोनावायरस की वजह से देशभर चल रहे लॉकडाउन के दौरान सबसे ज्यादा मार प्रवासी मजदूरों पर पड़ रही है। पहले रोजगार की तलाश में अपना घर और गांव छोड़कर दूसरे राज्य में गए और अब बेरोजगारी की वजह से अपने घरों की ओर पैदल जाने को मजबूर होना पड़ रहा है। ऐसे ही कई प्रवासी मजदूर हैं, जो अब अपने गांव की तरफ पैदल निकल पड़े हैं। हर राज्य की सरकारें मजदूरों को घर वापसी के लिए प्लान तैयार कर रही हैं। इस बीच दिल्ली सरकार लॉकडाउन की वजह से फंसे प्रवासी मजदूरों को उनके राज्य भेजने के लिए ट्रेन का यात्रा खर्च उठाने की बात कही है।
1200 श्रमिकों को किया रवाना
दिल्ली सरकार की तरफ से जानकारी दी गई कि दिल्ली से अपने मूल प्रदेश जाने के इच्छुक प्रवासियों की सूचना सभी प्रदेशों को दे दी है। अभी तक कई राज्यों की तरफ से कोई जवाब नहीं मिला है। दिल्ली सरकार के मंत्री गोपाल राय ने बताया कि शुक्रवार को लॉकडाउन में फंसे बिहार के करीब 1200 श्रमिकों को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से लेकर विशेष ट्रेन मुजफ्फरपुर बिहार के लिए रवाना हो गई। शुक्रवार को दिल्ली सरकार ने बिहार के रहने वाले करीब 1200 प्रवासियों को नई दिल्ली रेलवे जंक्शन से रवाना किया है।
मेडिकल और स्क्रीनिंग के बाद मिले खाने के पैकेट
पहले चरण में सरकार ने रैन बसेरों में रह रहे प्रवासियों को घर भेज रही है। नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से बिहार के लिए दोपहर 3 बजे ट्रेन रवाना हुई। इससे पहले दिल्ली के अलग-अलग स्थानों पर स्थित रैन बसेरों में रहने वाले प्रवासियों को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन तक पहुंचाने के लिए सरकार की तरफ से पुख्ता और सुरक्षित इंतजाम किए गए थे। रैन बसेरों में रहने वाले प्रवासियों को रेलवे स्टेशन तक पहुंचाने के लिए बसों का इंतजाम किया गया। सभी प्रवासियों का गुरुवार को मेडिकल और स्क्रीनिंग कराया गया था। जिस के बाद उनको मेडिकल सर्टिफिकेट, टिकट और रास्ते में दो बार खाने के पैकेट दिए गए।