केरल सरकार किसी भी ऑडिटिंग के खिलाफ नहीं। इस बार कैग की मंशा साफ नहीं है।
नई दिल्ली। केरल इन्फ्रास्ट्रक्चर इनवेस्टमेंट फंड बोर्ड में वित्तीय अनियमितता का मामला अब तूल पकडता जा रहा है। इस मामले में कैग हस्तक्षेप को देखते हुए केरल के वित्त मंत्री थॉमस इसाक ने विधानसभा में कहा है कि केरल इन्फ्रास्ट्रक्चर इनवेस्टमेंट फंड बोर्ड के CAG ऑडिट पहले भी हुए थे। इस बार सरकार किसी भी ऑडिटिंग के खिलाफ नहीं है। लेकिन इसबार सीएजी जैसी संवैधानिक संस्थाएं जान बूझकर केआईएफबी को बदनाम करने की कोशिश में लगी है। जबकि ऐसा नहीं होना चाहिए।
बता दें कि केरल के वित्त मंत्री थॉमस इसाक हाल ही में विधानसभा की विशेषाधिकार एवं आचार समिति के समक्ष पेश हुए। समिति ने उन्हें केरल आधारभूत ढांचा एवं निवेश कोष बोर्ड ( केआईआईएफबी ) पर कैग की लेखा रिपोर्ट के कथित तौर पर लीक होने के मामले में तलब किया था। समिति के समक्ष पेश होने के बाद इसाक ने मीडिया को बताया थ्ज्ञा कि उन्होंने विशेषाधिकार का उल्लंघन नहीं किया है।
दूसरी तरफ इसाक द्वारा कैग की 2018-19 की लेखा रिपोर्ट की जानकारी कथित तौर पर मीडिया को देने पर लोकलेखा समिति (पीएसी) के अध्यक्ष एवं कांग्रेस के विधायक वीडी सतीशन ने उनके खिलाफ नोटिस जारी किया था। सतीशन ने कहा था कि रिपोर्ट को सदन के पटल पर रखने से पहले वित्त मंत्री ने उसे लीक कर दिया। केरल विधानसभा के अध्यक्ष पी. श्रीरामकृष्णन ने मंत्री के खिलाफ नोटिस विशेषाधिकार एवं आचार समिति को भेज दिया था। ऐसा राज्य के इतिहास में यह पहली बार हुआ था।