राज्य में मूसलाधार बारिश और भूस्खलन से हर ओर त्राहिमाम मचा हुआ है। राज्य में अबतक करीब 22 के लोगों की मौत हो चुकी है। राहत बचाव कार्य के लिए सेना उतर गई है।
नई दिल्ली। केरल में कुदरत का कहर जारी है। राज्य में मूसलाधार बारिश और भूस्खलन से हर ओर त्राहिमाम मचा हुआ है। राज्य में अबतक करीब 22 के लोगों की मौत हो चुकी है। मुख्यमंत्री पिनारायी विजयन ने आपात बैठकल बुलाई है। मौसम पूर्वानुमान के मद्देनजर अलप्पुज्हा में शनिवार को होने वाली सालाना नेहरू रेस स्थगित कर दी है। वहीं सरकार ने कोचीन एयरपोर्ट को भी बंद कर दिया है। राहत बचाव कार्य के लिए सेना के जवान उतर गए हैं।
बंद हुआ एयरपोर्ट
पेरियार नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए कोचीन इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड ने सूचित किया है कि 2.30 बजे तक सभी आने वाली उड़ानों को अन्य गंतव्यों में डाइवर्ट कर दिया जाएगा। एयरपोर्ट के जलमग्न होने की आशंका को देखते हुए दो घंटे तक विमानों की लैंडिग रोक दी गई। जबकि रवाना होने वाले विमानों के लिए कोई समस्या नहीं होगी।
सरकार में मांगी एनडीआरएफ की और टीमें
मुख्यमंत्री विजयन ने कहा कि बारिश ने राज्यभर में जीवन और संपत्तियों को भारी नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने कहा कि हमने राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल की छह अतिरिक्त टीमों की मांग की है। विजयन ने कहा कि जैसा कि हमने कहा, इडुक्की बांध के एक फाटक को खोलने पर विचार किया जा सकता है।
नेहरू रेस हुई स्थगित
विजयन ने कहा कि अभी अधिक बारिश की संभावना है, अधिक सावधानी बरतने के कारण पुन्नामादा झील पर आगामी नेहरू वोट रेस स्थगित करने का निर्णय लिया गया है। आयोजकों द्वारा नई तिथियों की घोषणा की जाएगी। उन्होंने कहा कि इस प्रकरण से व्यापक नुकसान और विनाश हुआ है, इसलिए पैसों की आवश्यकता है और हम उन सभी का आह्वाहन करते हैं, जो दान करना चाहते हैं। वे इसे मुख्यमंत्री के फंड में कर सकते हैं। इससे पहले इडुक्की के विद्युत मंत्री एम.एम मणि ने कहा, "बहुत बुरा हुआ। मैंने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया है और गुरुवार सुबह इदामालय बांध के द्वार खोल दिए गए। हम इडुक्की बांध का भी एक द्वार खोलेंगे।"
सीएम ने बुलाई आपात बैठक
बता दें कि है कि 26 वर्षो के अंतराल के बाद दोपहर 12.30 बजे इडुक्की बांध का एक द्वारा परीक्षण और पानी के प्रवाह के आकलन के लिए खोला गया। यह द्वार चार घंटों बाद बंद होगा। इससे पहले विजयन ने स्थिति का आकलन करने के लिए आपातकालीन बैठक आयोजित की और बचाव और राहत अभियान का नेतृत्व करने के लिए वरिष्ठ पी.एच. कुरियन को नियुक्त किया