केरल में भारी बारिश और भूस्खलन से मची तबाही। पिछले 24 घंटे में ही 26 लोगों की हो चुकी मौत, सेना ने संभाला मोर्चा।
नई दिल्ली। भारी बारिश और लैंडस्लाइड ने केरल में पिछले 24 घंटों में जमकर तबाही मचाई है। इस तबाही की चपेट में आकर अब तक 26 लोगों की मौत हो चुकी है। कई निचले इलाकों में पानी भर गया है तो कहीं भूस्खलन ने जमकर कहर बरपाया है। बारिश और भूस्खलन का सबसे ज्यादा असर केरल के इडुक्की जिले में देखने को मिला है। यहां कम से कम 11 लोगों को कूदरत के कहर के आगे जान गंवानी पड़ी है।
केरल में आई की प्राकृतिक आपदा को लेकर एनडीआरएफ की टीम मुस्तैद है, बचाव कार्य के दौरान अब तक दो लोगों को मौत के मुंह से निकाला भी जा चुका है।
आंकड़ों पर नजर
24 घंटे में 66.2 मिमी बारिश
13.9 मिमी औसतन होती है बारिश
4 गुना से भी ज्यादा हुई बारिश
337 फीसदी ज्यादा बारिश की गई दर्ज
78 में से 22 डैम गेट खोले गए
बचाव कार्य में एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, आर्मी, नेवी और कोस्टगार्ड के जवानों को तैनात किया गया है। कोझिकोड और वालायर के बीच तो बारिश के कारण रेलवे ट्रैक बह गया। यहां रेल सेवा बंद कर दी गई है। भारी बारिश से राज्य के 78 में से 22 डैम के गेट खोलने पड़े हैं।
फ्लाइटों को किया गया डायवर्ट
पेरियार नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए गुरुवार को ही कोचीन इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड ने सूचित किया है कि 2.30 बजे तक सभी आने वाली उड़ानों को अन्य गंतव्यों में डाइवर्ट कर दिया जाएगा। एयरपोर्ट के जलमग्न होने की आशंका को देखते हुए दो घंटे तक विमानों की लैंडिग रोक दी गई। जबकि रवाना होने वाले विमानों के लिए कोई समस्या नहीं होगी।
26 साल बाद खोला गया गेट
आपको बता दें कि है कि 26 साल के अंतराल के बाद दोपहर 12.30 बजे इडुक्की बांध का एक द्वार परीक्षण और पानी के प्रवाह के आकलन के लिए खोला गया। यह द्वार चार घंटों बाद बंद होगा। इससे पहले विजयन ने स्थिति का आकलन करने के लिए आपातकालीन बैठक आयोजित की और बचाव और राहत अभियान का नेतृत्व करने के लिए वरिष्ठ पी.एच. कुरियन को नियुक्त किया।