मस्जिद निर्माण के लिए इंडो-इस्लामिक कल्चरल फाउंडेशन ट्रस्ट गठित। प्रोफेसर एमएस अख्तर की देखरेख में निर्माण कार्य होगा पूरा।
नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के अयोध्या में राम मंदिर के बाद धनीपुर गांव में बन रही बाबरी मस्जिद का डिजाइन व पूरा खाका भी तैयार हो गया है। इंडो-इस्लामिक कल्चरल फाउंडेशन ट्रस्ट ने नई मस्जिद का खाका तैयार किया है। यह मस्जिद ध्वस्त हुई बाबरी मस्जिद के बदले में सुन्नी वक्फ बोर्ड को दी गई जमीन पर बनाई जाएगी। मस्जिद निर्माण के लिए गठित ट्रस्ट ने इस जमीन पर मस्जिद, एक अस्पताल, एक इंडो-इस्लामिकरिसर्च सेंटर और एक सामुदायिक रसोईघर को डिजाइन करने की जिम्मेदारी जामिया मिलिया इस्लामिया के प्रोफेसर एसएम अख्तर को दी है। एमएस अख्तर जेएमआईयू के वास्तुकला विभाग के प्रमुख हैं।
2000 लोग एक बार कर पाएंगे नमाज अदा
जानकारी के मुताबिक 15 हजार स्कवायर फीट पर बनाई जा रही इस मस्जिद का आकार अंडाकार है। वहीं छत एक गुंबद होगा जो कि पारदर्शी होगा। मस्जिद में सोलर पैनल भी लगाए जाएंगे। मस्जिद बनने के बाद एक बार में यहां लगभग 2,000 लोग एक साथ नमाज अदा कर सकेंगे।