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कोरोना वायरस: लॉकडाउन के बाद जिंदगी संभल कर शुरू करनी पड़ेगी- डॉ.संतोष शेट्टी

अस्पताल के सामने इस समय बहुत बड़ी चुनौती- डॉ. संतोष शेट्टी अस्पताल में कोविड और नॉन कोविड मरीजों के बीच विशेष ध्यान रखने की जरूरत एक साल तक कोरोना वायरस का रह सकता है प्रकोप- डॉ. संतोष शेट्टी
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नई दिल्ली। कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी हॉस्पिटल मुंबई के सीईओ एवं एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर डॉ. संतोष शेट्टी ने पत्रिका कीनोट सलोन में कहा कि कोरोना महामारी से अस्पतालों को लड़ना बेहद मुश्किल हो रहा है। देश में लगातार संक्रमण से मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। महाराष्ट्र में अभी तक 6 हजार संक्रमण मरीजों की संख्या पार कर गई है। इसमें 4 हजार तो केवल मुंबई में है।

अस्पताल के सामने इस समय बहुत बड़ी चुनौती है। क्योंकि अस्पताल में कोविड और नॉन कोविड मरीजों के बीच कोई संपर्क नहीं हो इसका विशेष ध्यान रखना है। साथ ही डॉक्टर, स्वास्थ्यकर्मी और अस्पताल के भीतर कर्मचारियों का ख्याल रखना बेहद जरूरी है।

1 साल तक रह सकता है वायरस का प्रकोप

वरिष्ठ डॉक्टर संतोष शेट्टी ने कहा कि सरकार के साथ मिलकर इस महामारी से निपटने के लिए काम कर रहे हैं। यह वायरस कम समय के लिए नहीं है, बल्कि यह वायरस लंबा चलेगा। क्योंकि जो अनुमान है उससे तो साफ लग रहा है कि यह वायरस एक साल तक रह सकता है।

पोस्ट कोरोना के बाद भी सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना बेहद जरूरी

इसके लिए जरूरी है कि सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें.. मास्क का इस्तेमाल करे..मार्केट में निकलने पर खास ध्यान दें और सरकार की ओर से जारी गाइडलाइन का पालन करें। इस युद्ध के खिलाफ हर नागरिक को अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी। तभी जाकर इसे खत्म किया जा सकता है। यानी पूरी जीवनशैली को बदलनी होगी।

लॉकडाउन के बाद सावधानी पूर्वक कदम उठाने पड़ेंगे। अगर थोड़ी भी लापरवाही हुई तो परिणाम गंभीर होंगे। खासकर शहरी इलाकों में इसका खास ध्यान रखना होगा।

Updated on:
26 Apr 2020 02:07 pm
Published on:
26 Apr 2020 02:07 pm