Lockdown 2.0 End : लॉकडाउन से कोरोना संक्रमण फैलने की रफ्तार कम हुई है, इस सिलसिले में चेन्नई के एक वैज्ञानिक ने डाटा तैयार किया है कंप्यूटर मॉडलिंग के जरिए कोरोना मरीजों का किया गया आंकलन
नई दिल्ली। कोरोना वायरस (Coronavirus) के कहर से बचने के लिए देश भर में 3 मई तक लॉकडाउन (Lockdown 2.0) किया गया है। इसकी मियाद जल्द ही खत्म होने वाली है। अब सबके मन में यही सवाल है कि लॉकडाउन 2.0, खत्म होगा या दोबारा बढ़ाया जाएगा। मगर संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए जो सख्ती की गई थी। उसका असर कई राज्यों में देखने को मिल रहा है। कोरोना मरीजों की संख्या में कमी आ रही है। इससे उम्मीद की जा रही है कि लॉकडाउन खुल सकता है।
हाल ही में गृह मंत्रालय की ओर से दूसरे राज्यों में फंसे मजदूरों, छात्रों और मरीजों को आने-जाने की छूट दी थी। माना जा रहा है कि राज्यों से मिल रहे सकारात्मक परिणामों (Positive Result) के चलते लॉकडाउन खोला जा सकता है या इसमें थोड़ी ढील दी जा सकती है। चेन्नई में मैथमेटिकल साइंस के डेटा साइंटिस्ट सिताभ्र सिन्हा ने एक अंग्रेजी अखबार में दिए इंटरव्यू में कहा कि लॉकडाउन से कोरोना वायरस के संक्रमण की रफ्तार काफी कम हुई है। उन्होंने कंप्यूटर मॉडलिंग के जरिए कोरोना के मरीजों का आंकलन कर एक डाटा तैयार किया है। इसके मुताबिक गुरुवार तक भारत में कोरोना के मरीजों की संख्या करीब 33 हज़ार के पार हो गई। जिसमें एक हज़ार से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 8 हज़ार से ज्यादा लोग ठीक हो कर घर लौट चुके हैं।
पहले कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या हर दूसरे दिन दोगुनी हो रही थी। वहीं अब इसकी रफ्तार कम होकर 13 से 15 दिन हो गई है। लॉकडाउन के बाद से अब मरीजों की संख्या लगभग 15 दिनों में दोगुनी हो रही है। जबकि 27 अप्रैल तक ये रफ्तार 10.77 दिनों की थी। कोरोना संक्रमण की रफ्तार सबसे कम तेलंगाना में हैं। यहां करीब 58 दिन में मरीजों की संख्या बढ़ रही है। इसलिए माना जा रहा है कि यहां लॉकडाउन में पहले छूट दी जा सकती है। इसके बाद केरल(37.5 दिन), उत्तराखंड (30.3 दिन) और हरियाणा (24.4 दिन) की बारी आती है।
इन राज्यों में खतरा बरकरार
दिल्ली, उत्तर प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और ओडिशा में कोरोना का कहर अभी थमने का नाम नहीं ले रहा है। यहां 11-15 दिनों में मरीजों की रफ्तार दोगुनी हो रही है।
महाराष्ट्र और गुजरात में हालात सबसे ज्यादा खराब हैं। ताजा आंकड़ों के मुताबिक महाराष्ट्र में मरीजों की संख्या 10 हजार के पार पहुंच गई है। जबकि 4082 मरीज गुजरात में हैं। पश्चिम बंगाल में भी हालात चिंताजनक है।