बिहार में पिछले 2 सप्ताह के दौरान मरीजों की संख्या 700 से बढ़कर 2500 हुई। Odisha and Kerala में भी कोरोना मरीजों की संख्या में तेजी से जारी है इजाफा।
नई दिल्ली। देश भर में कोरोना वायरस ( coronavirus ) के मरीजों की संख्या में तेजी से इजाफा जारी है। पिछले 4 दिनों से प्रतिदिन 6,000 से ज्यादा नए केस सामने आने से भारत ग्लोबल रैंकिंग में भी कई देशों से पिछड़ गया है। वैसे तो सबसे ज्यादा नए मरीज महाराष्ट्र ( Maharashtra ) में सामने आ रहे हैं लेकिन लॉकडाउन चार ( Lockdown 4.0 ) में नियमों में छूट का सबसे ज्यादा असर बिहार में हुआ है।
बिहार ( Bihar ) में कोरोना का कहर दो सप्ताह के दौरान बड़ी संख्या सामने आया है। माना जा रहा है कि यह स्थिति बिहार में प्रवासी मजदूरों ( Migrant Laborers ) की घर वापसी की वजह से हुई है।
दरअसल, देश के अलग अलग राज्यों से सबसे ज्यादा प्रवासी मजदूर ओडिशा और बिहार में लौट रहे हैं। लिहाजा बिहार में नए मरीजों की संख्या में तेजी बढ़ोतरी देखी गई है। पिछले दो हफ्ते में बिहार में कोरोना के केस तीन गुना बढ़ गए हैं।
बिहार में कोरोना की संख्या में वृद्धि का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि 10 मई को वहां कोरोना के 700 से कम मरीज़ थे। लेकिन अब ये संख्या 2500 पार कर गई है। रविवार को बिहार में 207 नए केस सामने आए।
देश के अलग-अलग राज्यों से लौटने वेाले करीब 20 फीसदी प्रवासी मजदूर कोरोना पॉजिटिव निकल रहे हैं। अब तक बिहार में 13 लोगों की मौत हुई है।
ओडिशा और केरल में बढ़ी मरीजों की संख्या
लॉकडाउन 4.0 में मिली छूट का असर ओडिशा ( Odisha ) में भी देखने को मिल रहा है। रविवार को 100 नए केस सामने आए। ज्यादातर केस प्रवासी मजदूरों से जुड़े थे। ओडिशा में कोरोना के मरीजों की संख्या 1450 पर पहुंच गई है।
दूसरी तरफ केरल ( Kerala ) में भी कोरोना का दूसरा दौर शुरू हो गया है। यहां पिछले एक हफ्ते में करीब 250 केस सामने आए हैं। अधिकांश केस दूसरे राज्यों से लौटने वाले लोग शामिल हैं। केरल में सबसे ज्यादा प्रवासी मजदूर गुजरात और महाराष्ट्र से वापस लौटे हैं। इसके अलावा यहां विदेश से भी काफी बड़ी संख्या में लोग वापस लौट रहे हैं।