
नई दिल्ली। कोरोना वायरस महामारी ( Coronavirus Pandemic ) और दो माह से ज्यादा समय तक देशभर में लागू लॉकडाउन ( Lockdown ) के बाद से लोगों को इस बात की उम्मीद थी कि बहुत जल्द ट्रेनों की सामान्य सेवाएं बहाल हो सकती हैं। लेकिन कोविद-19 ( Covid-19 ) के मरीजों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी से तीन महीने से ठप पड़े ट्रेनों के संचालन को लेकर एक बार फिर यात्रियों को निराशा ही हाथ लगी है।
रेलवे के एक निर्णय से साफ हो गया है कि अब 15 अगस्त तक भी पहले तरह यात्री ट्रेनों का संचालन मुश्किल है । मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक रेलवे मंत्रालय ( Railway Ministry ) ने सोमवार को सभी जोन को एक सर्कुलर जारी कर 14 अप्रैल को या उससे पहले बुक किए गए सभी टिकटों को रद्द करने और टिकटों का पूरा रिफंड जनरेट ( Refund of Train Ticket ) करने का निर्देश दिया है। रेलवे की ओर से सोमवार को जारी सर्कुलर के बाद से माना जा रहा है कि अभी सामान्य ट्रेन सेवाएं शुरू होने में वक्त लगेगा।
15 अगस्त तक भी रेलवे की ओर से पहले की तरह ट्रेनों का संचालन न होने को लेकर आशंकाएं इसलिए है कि रेलवे ने 14 अप्रैल को या उससे पहले बुक किए गए सभी रेग्युलर टाइम टेबल वाली ट्रेनों के रेल टिकटों को रद्द करने का आदेश दिया है। इससे साफ है कि सामान्य यात्री ट्रेनों ( Passenger Trains ) के शुरू होने में अभी काफी काफी लग सकता है।
230 ट्रेनों का परिचालन जारी रहेगा
IRCTC की ओर से जानी सर्कुलर के मुताबिक भारतीय रेलवे ( Indian Rail ) द्वारा सिस्टम में ट्रेन को रद्द करने के बाद ऑटोमेटिक फुल रिफंड शुरू की जाएगी। इस बीच, भारतीय रेलवे तात्कालिक यात्रा के लिए अपनी 230 IRCTC स्पेशल ट्रेनों को निर्दिष्ट मार्गों पर चलाना जारी रखेगा।
25 मार्च से बंद है सामान्य रेल सेवा
बता दें कि कोरोना वायरस महामारी की वजह से भारतीय रेलवे ने 15 अप्रैल से नियमित ट्रेन सेवाओं के लिए एडवांस रिजर्वेशन को निलंबित कर दिया था। राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन शुरू होने पर 25 मार्च से नियमित ट्रेन सेवाओं को भी रद्द कर दिया था।
इस बीच 12 मई को लॉकडाउन में फंसे प्रवासी मजदूरों को घर तक पहुंचाने के लिए रेलवे ने IRCTC स्पेशल ट्रेन सर्विस शुरू किया। शुरुआत में IRCTC की विशेष ट्रेनों में 30 राजधानी स्टाइल की वातानुकूलित ट्रेनें शामिल थीं। फिर 1 जून के बाद से नॉन-एसी स्लीपर ट्रेन सेवाओं के साथ-साथ 200 अन्य IRCTC विशेष ट्रेनों का शुभारंभ किया गया।