
चेन्नई। मद्रास हाईकोर्ट के नए चीफ जस्टिस विजय कमलेश ताहिलरमानी के शपथ ग्रहण समारोह को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। दरअसल, कार्यक्रम में हाईकोर्ट के जजों को राजनेताओं, अधिकारियों और पुलिस से भी पीछे बिठाया गया था। इस बैठक व्यवस्था को लेकर जजों ने नाराजगी जाहिर की है, उन्होंने इसे प्रोटोकॉल का उल्लंघन बताया। शपथ ग्रहण समारोह राजभवन में हुआ था। नाराज जजों में जस्टिस रमेश भी शामिल हैं। उन्होंने जजों के ऑफिशियल वॉट्सऐप ग्रुप में अपनी नाराजगी जाहिर की है।
ये था जस्टिस रमेश का वॉट्सऐप मैसेज
उन्होंने सवाल उठाया, 'क्या राजभवन के अधिकारियों को प्रोटोकॉल मालूम नहीं है। राजभवन में बैठक व्यवस्था से घोर निराशा हुई है और दुख पहुंचा है। मैं इस पूरे घटनाक्रम से निराश हूं। यह एक गंभीर मामला है। क्या राजभवन संवैधानिक पदों पर बैठे जज और पुलिस अधिकारियों के पदानुक्रम से परिचित नहीं है या फिर वह समझते हैं कि हाईकोर्ट के जज पद और प्रतिष्ठा में मंत्रियों और पुलिस के अफसरों से छोटे होते हैं। आधिकारिक समारोह में इस तरह की व्यवस्था कतई स्वीकार नहीं है।' कई जजों ने उनकी इस बात का समर्थन भी किया।
शिकायत के बावजूद नहीं दिया ध्यान
उन्होंने आगे यह भी लिखा कि हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार ने पहले ही राजभवन में समारोह की बैठक व्यवस्था की शिकायत की थी लेकिन इस पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। नियमानुसार हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार और सरकार में अवर सचिव रैंक के अधिकारी प्रोटोकॉल से जुड़े मामले और किसी सार्वजनिक राजकीय समारोह में बैठने की व्यवस्था देखते हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक समारोह से पहले ऑडिटोरियम की बैठक व्यवस्था दिखाने से भी इनकार कर दिया गया था।