याचिकाकर्ता के के रमेश ने हाई कोर्ट से अपील की है कि राज्य में वोट के बदले पैसे देने की समस्या लंबे समय से चली आ रही है।
मदुरै: चुनाव के दौरान वोट के बदले नोट देने वाले उम्मीदवारों और पैसे लेने वाले मतदाताओं को उम्रकैद की सजा देने के लिए मद्रास हाईकोर्ट की मदुरै बेंच में जनहित याचिका दायर की गई है। याचिकाकर्ता के के रमेश ने हाई कोर्ट से अपील की है कि राज्य में वोट के बदले पैसे देने की समस्या लंबे समय से चली आ रही है। इस पर अंकुश लगाने के लिए दोषियों को कड़ी सजा का प्रावधान जरूरी है। लोकसभा चुनाव में बड़ी राजनीतिक पार्टियों ने वोटरों को लुभाने के लिए प्रति वोट रुपए दिए थे। ऐसी ही स्थिति 2014 के लोकसभा चुनाव में भी नजर आई। दो प्रमुख राजनैतिक पार्टियों के बीच वोटरों को रिझाने के लिए होड़ लगी हुई थी। जिस इलाके में एक पार्टी ने एक वोट के लिए रुपए दिया वहीं पर दूसरी पार्टी ने रुपए दिए।
पुलिस नहीं करती कार्रवाई
याचिकाकर्ता ने कहा, ऐसी घटनाएं मदुरै के कई इलाकों में हुईं। इस मामले में एआईएडीएमके के आरोपी कार्यकर्ता को पकड़ कर पुलिस के हवाले किया गया पर पुलिस ने उसे गिरफ्तार तक नहीं किया। 2014 के चुनाव में पुलिस ने 3,742 केस दर्ज करने के अलावा 27.3 करोड़ रुपए जब्त किए थे। याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया कि 2016 के विधानसभा चुनाव में राज्य की दोनों प्रमुख पार्टियां नोट बांटने में लगी थीं। इस दौरान चुनाव आयोग ने 75, 000 करोड़ रुपए भी जब्त किए थे, लेकिन ऐसे मामले में कड़ी सजा का प्रावधान न होने से इस पर लगाम नहीं लग पा रही है।
..तो लोकतंत्र से उठ जाएगा विश्वास
याचिकाकर्ता ने कहा अगर यही हाल रहा तो लोगों का विश्वास लोकतंत्र से उठ जाएगा। इसलिए दोषी नेता और मतदाता दोनों के लिए कड़ी सजा का प्रावधान जरूरी है। इसके तहत वोट देने के लिए पैसे लेने वाले मतदाताओं के पकड़े जाने पर उनका मतदाता पहचान पत्र जब्त करते हुए उनका नाम मतदाता सूची से हटा देना चाहिए। यही नहीं अगर यदि वोट के लिए पैसे बांटने के चलते कहीं चुनाव रद्द करना पड़ता है तो उसकी जगह बाद में होने वाले चुनाव के पूरे खर्च का भुगतान भी दोषी प्रत्याशी से ही वसूला जाना चाहिए।