मार्च माह में मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को पत्र लिखकर कहा था कि देशमुख पूर्व पुलिस अधिकारी सचिन वाझे के माध्यम से व्यापारियों से पैसों की वसूली करवा रहे थे।
नई दिल्ली। महाराष्ट्र के पूर्व गृहमंत्री अनिल देशमुख आज प्रवर्तन निदेशालय (ED) के सामने पेश हो सकते है। ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले में देशमुख को पूछताछ के लिए समन जारी कर आज मंगलवार को बेलार्ड पियर्स स्थित ऑफिस में बुलाया था। हालांकि पहले उन्होंने अधिकारियों के सामने प्रस्तुत होने में अपनी असमर्थता जताई थी। बाद में उनके वकील ने ईडी अधिकारियों से मिल कर समय मांगा था।
इस पूरे मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने शुक्रवार को देशमुख के नागपुर तथा मुंबई के वर्ली स्थित घरों पर छापेमारी की थी। दोनों जगह अलग-अलग टीमों के द्वारा छापेमारी की जा रही है। इसके बाद अगले दिन शनिवार सुबह अनिल देशमुख के निजी सचिव संजीव पलांडे तथा निजी सहायक कुंदन शिंदे को गिरफ्तार कर लिया था और तभी से दोनों निदेशालय की हिरासत में हैं।
यह है मामला
मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह ने अनिल देशमुख पर मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप लगाया था। मार्च माह में परमबीर सिंह ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को पत्र लिखकर कहा था कि देशमुख पूर्व पुलिस अधिकारी सचिन वाझे के माध्यम से व्यापारियों से पैसों की वसूली करवा रहे थे। सिंह के अनुसार देशमुख ने पुलिस अधिकारियों को हर महीने बार और होटलों से कम से कम सौ करोड़ रुपए की वसूली करने के निर्देश दिए थे।
सिंह के अनुसार पुलिस अधिकारियों के साथ मीटिंग में भी देशमुख के पर्सनल सेक्रेटरी पलांडे तथा निजी सहायक वहां रहा करते थे। इसके बाद अनिल देशमुख ने खुद को बेगुनाह बताते हुए कहा कि परमबीर सिंह ने उन पर झूठे आरोप लगाए हैं। देशमुख ने पूछा था कि जब वह पद पर थे, तब सिंह ने ये आरोप क्यों नहीं लगाए।