
नई दिल्ली। हमें आए दिन कई अजीबों-गरीब मामले सुनने को मिलते हैं, जो कभी-कभी अस्पतालों की लापरवाही पर भी सवाल उठाते हैं। ऐसा ही एक मामला मुंबई से आया है।
जीवित व्यक्ति को बताया मृत
मुंबई के एक अस्पताल ने एक जीवित व्यक्ति को मृत बताकर उसकी जगह किसी और की डेड बाॅडी परिजनों को सौंप दिया। मुंबई सांगली जिले के एक सरकारी अस्पताल से जब ये मामला आया तो सबके होश उड़ गए।
सांगली के सरकारी अस्पताल का है मामला
बता दें कि पचास वर्षीय अवनीश दादासाहेब बगवाडे को लीवर की बीमारी थी, जिसके चलते उन्हें सांगली जिले के एक सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अस्पताल ने परिजनों को फोन करके बताया कि अवनीश की मौत हो गई है और वो आकर उनकी डेड बाॅडी ले जाएं।
नहीं थी अवनीश की बाॅडी
परिजनों को जब बाॅडी सौंपी गई तो उन्हें आभास हुआ कि ये अवनीश की बाॅडी नहीं है। परिजन उनकी बाॅडी को घर ताशगांव ले गए जो अस्पताल से लगभग 25 किमी. की दूरी पर है। घर पर जब परिजनों ने आशंका के चलते बाॅडी से कपड़े हटाए तो देखा कि वो अवनीश की बाॅडी नहीं है।
जिंदा हैं अवनीश
परिजनों ने सांगली के सरकारी अस्पताल के अधिकारियों से पूछताछ किया तो पता चला कि अवनीश बगवाडे अभी जिंदा हैं और उनका इलाज अस्पताल में अच्छे से चल रहा है।
अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक का बयान
अस्पताल के अधिकारी ने बताया कि इतनी बड़ी गलती कैसी और किससे हुई इसकी जांच की जा रही है और गड़बडी़ के कारणों का भी पता लगाया जा रहा है। वहीं अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ सुबोध उगाणे ने कहा, 'हम अगले 48 घंटे में जांच रिपोर्ट सौंप देंगे और घटना में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।