Breaking : अब मराठा आरक्षण पर रोजाना सुनवाई होगी। क्या 50 फीसदी से ज्यादा आरक्षण देना उचित होगा?
नई दिल्ली। लंबे समय से महाराष्ट्र सरकार के मराठा आरक्षण को लेकर जारी बहस अब और तेज हो गई है। सोमवार को मराठा आरक्षण को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा कदम उठाया है। देश की शीर्ष अदालत ने इस मामले में सभी राज्य सरकारों को नोटिस जारी किया है। साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकारों से पूछा है कि क्या 50 प्रतिशत से अधिक आरक्षण की अनुमति दी जा सकती है। अदालत ने इस मुद्दे पर 15 मार्च से दिन-प्रतिदिन की सुनवाई की सिफारिश की। अदालत ने इस मुद्दे पर अगली सुनवाई के लिए 15 मार्च मुकर्रर की है।
मराठा आरक्षण पर रोक हटाने की मांग
आपको बता दें कि सरकारी नौकरियों और प्रवेशों के लिए मराठा कोटा की संवैधानिक वैधता पर सुप्रीम कोर्ट ने जनवरी को सुनवाई के बाद फैसला 5 फरवरी के लिए टाल दिया था। महाराष्ट्र सरकार चाहती थी कि 25 जनवरी को होने वाली सुनवाई टाल दी जाए। जबकि मराठा समुदाय को आरक्षण देने के मामले में महाराष्ट्र सरकार ने ही सुप्रीम कोर्ट में मराठा आरक्षण पर लगी रोक हटाने के लिए याचिका दाखिल की थी। याचिका में कोर्ट से मांग की गई है कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा आरक्षण पर लगाई गई अंतरिम रोक हटाई जाए।