परिवार से बेहद प्यार करता था छह लोगों का कातिल नरेश धनकड़
नई दिल्ली. पलवल में छह लोगों को लोहे की रॉड से मारने वाला साइको किलर नरेश धनकड़ असल जिंदगी में प्यार करने वाला पिता था। नरेश के भाई चंद्रपाल के मुताबिक उसकी पत्नी सीमा पिछले छह सालों से उससे अलग रह रही थी। पत्नी व बच्चे से यह दूरी उसकी सबसे बड़ी परेशाानी बन गई थी। नरेश ने सीमा को घर वापस लाने का काफी प्रयास किया लेकिन वह नहीं मानी।
शादी के चार साल बाद ही नरेश और सीमा की जिंदगी में परेशानियां आने लगी। सीमा के मुताबिक शादी के वक्त किसी तरह की मांग नहीं की गई थी। लेकिन कुछ दिनों के बाद उनसे कार की मांग की गई। 2009 में सीमा ने दहेज की शिकायत दर्ज करवाई और मायके आकर रहने लगी। फिर नरेश ने माफी मांगी और उसे वापस अपने साथ ले गया। 2009 में, उसका ट्रांसफर पलवल से लगभग 50 किलोमीटर दूर नूह में हो गया। वहां वह अपनी पत्नी के साथ किराए के मकान में रहने लगा। यही उसके बेटे का जन्म हुआ। जिससे वह खुश था।
फैशनेबल कपड़े खरीदकर देता था
जब भी सीमा नाराज होकर अपने मयाके जाती नरेश का व्यवहार पूरी तरह बदल जाता। वह अपने बेटे से मिलने खाली हाथ नहीं आता था। फल और खाने-पीने का बहुत सारा सामान अपने साथ वह लाता। सभी साथ मिलकर खाने खाते थे। सीमा महसूस करती हंै कि हिंसा के बावजूद, उनके पति उनसे प्यार करते थे। नरेश ने ही उसे फैशनेबल कपड़े पहनने और क्लबों का दौरा करने के लिए प्रोत्साहित किया था।
कभी साइकिल चलाता तो कभी फुटबॉल खेलता था
नरेश ने ईएमआई पर पलवल के ओमैक्स सिटी में एक तीन बेडरूम का फ्लैट खरीदा था। पड़ोसियों के मुताबिक नरेश और उसके बेटे के बीच बॉन्डिंग काफी अच्छी दिखती थी। पिता और बेटे रोजाना फुटबॉल खेलते थे, तो कभी साथ में साइकिल चलाते थे। उसने सीमा के पिता को कहा था कि अपने बेटे की खुशी के लिए कुछ भी करने को तैयार है। सीमा को दुख है कि जिस पिता के साथ बेटा खेलता था आज उसे टीवी पर साइको किलर के के तौर देखकर चकित है। बेटे ने टीवी देखना ही छोड़ दिया है।