रेल राज्य मंत्री मनोज सिन्हा ने एकबार फिर दुहाराया कि अमृतसर रेल दुर्घटना के लिए उनका मंत्रालय जिम्मेदार नहीं है।
नई दिल्ली।अमृतसर ट्रेन हादसे में 60 लोगों की मौत को चार दिन हो चुके हैं। ये भीषण हादसा गलती की वजह से हुआ, यह भी अभी तक तय नहीं हो सका है। पंजाब डीजीपी सुरेश अरोड़ा ने रविवार को कहा है कि हादसे की जिम्मेदारी तय करने के लिए जांच की जाएगी। इसी बयान के बाद रेल राज्य मंत्री मनोज सिन्हा ने एकबार फिर दुहाराया कि इस दुर्घटना के लिए उनका मंत्रालय जिम्मेदार नहीं है।
पुलिस का बयान ही पंजाब सरकार का बयान: रेलमंत्री
मनोज सिन्हा ने कहा कि जोड़ा फाटक के पास दशहरा कार्यक्रम के लिए प्रशासन और कार्यक्रम आयोजकों ने रेलवे को सूचित नहीं किया गया था। सिन्हा ने कहा कि वह स्थान घटनास्थल से लगभग 70 मीटर की दूरी पर था,जो रेलवे के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता। मेरा मानना है कि अमृतसर पुलिस आयुक्त का बयान पंजाब सरकार का ही अधिकृत बयान होना चाहिए। रेलवे ने इस कार्यक्रम के लिए कोई अनुमति नहीं दी है।
जिम्मेदार खोजने के लिए पंजाब पुलिस करेगी जांच
बता दें कि अमृतसर के पुलिस कमिश्नर एसएस श्रीवास्तव का कहना है कि धोबी घाट समेत 20 स्थलों पर दशहरा कार्यक्रम की सशर्त अनुमति दी गई थी। इस तरह की अनुमति देने की एक निश्चित प्रक्रिया है। कमिश्नर का कहना है कि दशहरा कार्यक्रम आयोजन इजाजत जरूर दी थी, लेकिन केवल उसी जगह के लिए जहां कार्यक्रम आयोजित हो रहा था, न कि रेलवे ट्रैक या किसी अन्य जगह के लिए। श्रीवास्तव ने कहा कि अगर मामले में किसी भी तरह की तरह लापरवाही हुई है तो उसकी जांच की जा रही है।
पुलिस ने दी थी NOC, रेलवे कर रहा इनकार
बता दें कि रेल हादसे की जांच के दौरान सामने आया था कि रेलवे ट्रैक के पास रावण दहन की अनुमति पुलिस की ओर से दी गई थी। इस दौरान कार्यक्रम आयोजन समिति की ओर से पुलिस को लिखे पत्र भी सामने आए हैं। वहीं, रेलवे प्रशासन ने ऐसे किसी भी कार्यक्रम की जानकारी न दिए जाने की बात कही थी।