
नई दिल्ली। सोशल मीडिया पर इन दिनों एक किताब का अंश बेहद तेजी से वायरल हो रहा है। किताब का नाम 'करंट स्कूल एसेज' है और वायरल होने की वजह लड़कियों की जीवनशैली को लेकर लिखा गया एक निबंध है, इस निबंध में आधुनिक लड़कियों को आत्मकेंद्रित और मतलबी बताया है। इसके चर्चा में होने की एक वजह यह भी है कि इस निबंध को सीबीएसई (केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड), आईसीएसआई (भारतीय माध्यमिक शिक्षा प्रमाण पत्र), आईएससी (भारतीय स्कूल प्रमाण पत्र) के पाठ्यक्रम का हिस्सा बताया जा रहा है। लेकिन इसका पूरा सच अब सामने आ गया है।
किताब में ये है महिलाओं की परिभाषा
रिपोर्ट्स के मुताबिक अंग्रेजी में लिखी इस किताब में आधुनिक लड़कियों को आत्मकेंद्रित, मतलबी, पार्टी करने वाली और हॉट पैंट्स पहनने वाली बताया गया है। इसमें लिखा है कि आधुनिक युग की लड़कियां आमतौर पर स्मार्ट, इंटेलिजेंट, जागरूक और फैशनेबल होती हैं। वे अब पहले की तरह शर्मीली, आज्ञाकारी, घरेलू नहीं रही हैं। रंगीन साड़ियों की अब उनकी अलमारियों में कोई जगह नहीं रही है। वे अपने स्वास्थ्य और शरीर पर ध्यान देती हैं, उनके पास परिवार की जरूरतों को पूरा करने का समय नहीं है।'
क्या वाकई यह पाठ्यक्रम का हिस्सा है?
सीबीएसई ने इस तरह के किसी भी निबंध को अपने पाठ्यक्रम का हिस्सा मानने से इनकार कर दिया है। इस संबंध में एक गुरुवार को एक स्पष्टीकरण भी जारी किया गया था। स्पष्टीकरण में सीबीआई ने कहा है कि सीबीएसई किताबें नहीं छापती और न ही वह अपने मान्यता प्राप्त स्कूलों में किसी निजी प्रकाशक की किताबों से पढ़ाने की सलाह देती है। इसलिए सीबीएसई का जिक्र पूरी तरह आधारहीन है। इसके साथ ही यह भी साफ हो गया है कि लेखक या प्रकाशक की तरफ से इसे किसी शैक्षिक बोर्ड का हिस्सा नहीं बताया गया है, बल्कि यह सोशल मीडिया यूजर्स ने की तरफ से फैलाया गया भ्रम है।