2014 लोकसभा चुनाव में बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी।
नई दिल्ली: 16 मई 2014 यानी आज के ही दिन जब लोकसभा चुनाव के परिणाम आए, तो किसी ने सोचा नहीं था कि बीजेपी इतनी बड़ी जीत दर्ज करेगी। चुनाव परिणाम में बीजेपी ने ऐतिहासिक जीत दर्ज करते हुए 282 सीट हासिल की थीं और 26 मई को नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री पद की शपथ ली। पार्टी को दो तिहाई से ज्यादा बहुमत मिलने के बाद जीत के नायक नरेंद्र मोदी का नाम सबकी जुबान पर चढ़ गया। देश-विदेश में मोदी-मोदी के नारे लगने लगे। पिछले चार साल से देश और दुनिया में इस नाम का लगातार डंका बज रहा है। मोदी सरकार ने अपने कार्यकाल के चार साल पूरे कर लिए हैं और अभी एक साल बाकी है। लेकिन, इन चार सालों में देश के अंदर मोदी सरकार के नेतृत्व में कई बदलाव हुए, कई विवाद हुए और कई उपलब्धियां भी देश को हासिल हुईं।
भाजपा को मिला था पूर्ण बहुमत
आम चुनाव 2014 का परिणाम भाजपा के लिए काफी खुशनुमा रहा। 543 सीटों के लिए हुए चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने 282 सीटें जीत कर स्पष्ट बहुमत प्राप्त किया था। वहीं, भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) को 334 सीटें मिल थी। राजनीतिक इतिहास में इससे पहले भाजपा को इतनी सीटें पहले नहीं मिली थी।
विकास के लिए उठाए कई बड़े कदम
पिछले चार साल में मोदी सरकार ने आम जनता के लिए कई योजनाओं की शुरुआत की। इनमें उज्ज्वला योजना, जनधन योजना, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, स्वच्छ भारत अभियान , योग दिवस जैसे कार्यक्रमों की शुरुआत की। मोदी सरकार ने विदेश नीतियों पर खासा ध्यान दिया और दुनिया के सामने देश का मान और सम्मान बी बढ़ा। इसके अलावा मुस्लिम महिलाओं के लिए तीन तालाक कानून भी मोदी सरकार लेकर आई, जो काफी चर्चा का विषय बना रहा।
विवादों से भी रहा नाता
मोदी सरकार में कई ऐसे मामले भी सामने आए जिसने सरकार को विवादों में भी घेरा। मोदी सरकार ने कई सीमा विवाद सुलझाए, कई कड़े कानून बनाए। इसके अलावा देश और जनता के हित में मोदी सरकार ने कई नियम में भी बदलाव किए। हालांकि, पिछले चार साल में मोदी सरकार को कई बार आलोचना का भी शिकार होना पड़ा। बहरहाल, मोदी सरकार के एक साल कार्यकाल बचा हुआ और अब देखना यह है कि इस एक साल में सरकार देश और जनता के हित में क्या-क्या कदम उठाती है।