
नई दिल्ली। देश में दो तूफानों का खतरा मंडरा रहा है। अरब सागर में जहां लुबान का मुंह बाहे खड़ा है तो वहीं बंगाल की खाड़ी में तितली तूफान की आहट ने सबके होश उड़ा दिए हैं। अरब सागर में बने निम्न दबाव के चलते चक्रवाती तूफान लुबान का खतरा लगातार मंडरा रहा है। फिलहाल लुबान का रुख पश्चिम-उत्तर पश्चिम और दक्षिण-पश्चिम की तरफ है। ऑल इंडिया वेदर वार्निंग बुलेटिन के मुताबिक पिछले दो दिन में इसकी रफ्तार भले ही कुछ कम हुई है लेकिन खतरा टला नहीं है। अगले 12 से 24 घंटे के बीच ये चक्रवाती तूफान गंभीर परिणाम दे सकता है। रफ्तार में कई गुना की बढ़ोतरी के साथ ये तूफान वापसी कर सकता है।
भारतीय मौसम विभाग यानी आईएमडी के वैज्ञानिकों की माने तो लुबान चक्रवात अभी कमजोर नहीं हुआ है। देश के कई इलाकों में अब इस चक्रवाती तूफान का खतरा बना हुआ है। लुबान चक्रवात आने वाले दिनों में पश्चिम-उत्तर पश्चिम से आगे बढ़ेगा। अगले 5 दिनों में यह ओमान और यमन के तट की अपना रुख कर सकता है, लेकिन इससे पहले देश के तटवर्ती क्षेत्रों में अपना असर दिखा सकता है। निम्न दबाव का क्षेत्र अगले 72 घंटों में साईक्लोनिक तूफान का रूप ले सकता है। तूफान बनकर यह झारखंड के समीप ओडिशा तक पहुंच सकता है। इससे झारखंड भी प्रभावित होगा।
जारी हुआ हाई अलर्ट
बंगाल की खाड़ी में भी इन दिनों दबाव काफी ज्यादा बना है। ऐसे में मौसम वैज्ञानिकों का पूर्वानुमान है कि आने वाले करीब 12 घंटों में चक्रवात की गति काफी तेज होगी। इसके बाद अगले 24 घंटों में इसका गंभीर और व्यापक असर हो सकता है। इसके साथ ही आसपास के इलाकों में तेज हवाएं चलने की आशंका है। इस दौरान हवाएं 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलेंगी। हालांकि जब ये चक्रवात 11 अक्टूबर की सुबह तक ओडिशा और आंध्र प्रदेश के तटीय इलाके तक पहुंचेगा तब तक इन हवाओं की गति 75 किलोमीटर प्रति घंटे ही रह जाएगी। इससे गोपालपुर और कलिंगपत्तनम और आसपास के इलाके चपेट में आ सकते हैं। इस दौरान मछुआरों को अगले अगले पांच दिनों तक बंगाल और अरब की खाड़ी की ओर न जाने की सलाह दी गर्इ है।
केरल और तमिलनाडु में अब भी मानसून मेहरबान
देश में मानसून की बात करें तो केरल और तमिलनाडु में ये अब भी मेहरबान है। पिछले 24 घंटों में केरल, तटीय कर्नाटक और तमिलनाडु और पुडुचेरी में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश हुई। वहीं जम्मू व कश्मीर, लक्षद्वीप, तटीय कर्नाटक में कई स्थानों पर, अरुणाचल प्रदेश , असम और मेघालय; उप हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम, कोंकण और गोवा, आंतरिक कर्नाटक और रायलसीमा में कर्इ स्थानों पर भी हल्की गरज के साथ बारिश हुर्इ। इसके अलावा एक दिन पहले का तापमान देखें तो कल सबसे ज्यादा गर्म पश्चिम राजस्थान का बाड़मेर रहा। यहां सबसे ज्यादा अधिकतम तापमान 41.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। वहीं सबसे ज्यादा ठंडा और सुहाना तमिलनाडु का कुन्नूर रहा। यहां सबसे कम न्यूनतम तापमान 11.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ।
जम्मू में बर्फबारी से मौसम ने ली करवट
उत्तर भारत में मौसम ने करवट लेने शुरू कर दी है. जम्मू-कश्मीर के ऊंचाई वाले अधिकतर स्थानों पर ताजा बर्फबारी हुई है जबकि मैदानी इलाकों में मंगलवार को बारिश हुई. बर्फबारी के कारण श्रीनगर-लेह राष्ट्रीय राजमार्ग को यातायात के लिए बंद कर दिया गया है। मौसम विभाग के मुताबिक सोनमर्ग, जोजिला दर्रा, अमरनाथ गुफा, गुलमर्ग में अफारवत, मुगल रोड और ऊंचाई वाले कई इलाकों में ताजा बर्फबारी हुई है। ग्रीष्मकालीन राजधानी श्रीनगर सहित घाटी के मैदानी इलाकों में बारिश हुई है। जोजिला दर्रे पर बर्फबारी और बारिश के कारण श्रीनगर-लेह राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात रोक दिया गया है।