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जिन्ना की बेटी ने नहीं छोड़ा था भारत, अपने घर पर लगाए भारत और पाक के झंडे

India Independence Day 2019: दीना ने प्यार के लिए अपने पिता मोहम्मद अली जिन्ना को छोड़ दिया दीना अपने जीवन में केवल दो बार पाकिस्तान गईं कुर्बानी बड़ी याद छोटी
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muhammad ali jinnah and Dina Wadia

नई दिल्ली। देश 73वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है। कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक जश्न-ए-आजादी में डूबा हुआ है। कई पुराने किस्से याद आ रहे हैं, कई अनसुनी कहानियां सामने आ रही हैं। देश की आजादी के लिए लोगों ने कई बड़ी-बड़ी कुर्बानियां दी, लेकिन उनकी यादें समय के साथ धूंधली पड़ती जा रही है। हम आपको आजादी और उस वक्त के शख्सियत से जुड़ी कुछ ऐसे ही रोचक कहानियों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिनके बारे में शायद बहुत कम लोग ही जानते होंगे।

महात्मा गांधी के बाद आजादी के समय दो नाम सबसे ज्यादा चर्चा में थे- एक पंडित नेहरू और दूसरा मोहम्मद अली जिन्ना। जिन्ना के सियासी सफर के बारे में तो आप सबने सुना होगा। लेकिन, जिन्ना की इकलौती बेटी 'दीना' के बारे में बहुत कम लोग ही जानते होंगे। तो चलिए, दीना से जुड़ी कुछ दिलचस्प बातें हम आपको बताते हैं।

दीना ने घर में लगाए भारत और पाक के झंडे

'दीना' मोहम्मद अली जिन्ना और रति बाई पेटिट की इकलौती बेटी थीं। आजादी के बाद दीना अपने पिता के साथ पाकिस्तान नहीं गईं बल्कि भारत के मुंबई शहर में ही बस गईं। देश का जब बंटवारा हुआ तो दीना इस असमंजस में पड़ गईं कि वो किसे अपना देश मानें। लिहाजा, दीना ने अपने फ्लैट की बालकनी पर हिन्दुस्तान और पाकिस्तान के झंडे लगाए। लेकिन, आपको जानकर हैरानी होगी कि दीना के पाकिस्तान नहीं जाने के पीछे असली वजह उनकी लव लाइफ थी।

प्यार के लिए पिता से बगावत

दीना के पिता मोहम्मद अली जिन्ना ने पारसी रति बाई पेटिट से प्रेम विवाह किया था। दीना के जन्म के कुछ साल बाद ही रति बाई का देहांत हो गया। दीना की देखरेख उनकी बुआ ने की थी। दीना जब बड़ी हुईं तो उन्होंने जिन्ना से नेविले वाडिया नाम के एक पारसी से शादी करने की इच्छा जाहिर की। जिन्ना इसके खिलाफ हो गए। लेकिन, दीना नेविले से शादी करने की जिद पर अड़ी रहीं।

जिन्ना ने काफी विरोध किया तो दीना ने बगावत करके शादी कर ली और अपने पिता का घर छोड़ दिया। इस शादी के बाद जिन्ना ने दीना से अपने सारे संबंध तोड़ लिए। इस शादी के बाद बाप-बेटी के रिश्ते में दरार आ गई। दोनों एक-दूसरे को पत्र लिखते थे, लेकिन यह बस एक औपचारिकता तक ही सीमित था। दोनों केवल किसी कार्यक्रम में ही मिलते थे जहां पर जिन्ना अपनी बेटी को 'मिसेज वाडिया' कहकर बुलाया करते थे।

केवल दो बार पाकिस्तान गईं दीना

कहा जाता है कि जिन्ना ने आजादी के बाद दीना को पाकिस्तान आने के लिए कहा लेकिन दीना ने मुंबई में रह रहे अपने पति और ससुराल वालों को छोड़कर आने से मना कर दिया। वह विभाजन के बाद भी मुंबई में ही रहीं। इस बात से जिन्ना बहुत ज्यादा आहत हो गए।

भारत-पाकिस्तान विभाजन के बाद दीना ने कई बार अपने पिता से मिलने की कोशिश की लेकिन उन्हें वीजा नहीं दिया गया। दीना अपने जीवन में केवल दो बार ही पाकिस्तान गईं। एक बार अपने पिता जिन्ना की मौत पर और दूसरी बार 2004 में लाहौर में पाकिस्तान और भारत के बीच हुए एक क्रिकेट मैच को देखने पहुंची थीं।

Updated on:
15 Aug 2019 02:55 pm
Published on:
14 Aug 2019 01:48 pm
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